भट्टा गांव में शराब का डिपार्टमेंटल स्टोर खोले जाने का महिलाएं विरोध कर रही हैं। गांव की महिलाओं ने शराब के स्टोर पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया और गांव से हटाने की मांग की। महिलाओं के विरोध को देखते हुए कुछ देर के लिए स्टोर बंद कर दिया गया। देर शाम पुलिस सुरक्षा में फिर से स्टोर खोल दिया गया।
महिलाएं लगातार स्टोर का विरोध कर रही हैं। शुक्रवार को महिलाओं ने स्टोर के बाहर प्रदर्शन कर शराब की दुकान को गांव से बाहर ले जाने की मांग की। गांव की प्रधान कौशल्या रावत ने कहा कि शराब के डिपार्टमेंटल स्टोर के आसपास स्कूल है और आबादी है। ऐसे में शराब की दुकान खोला जाना उचित नही।
कांति थापली, मीना कोटाल, रोशनी रावत सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि शराब की दुकान को गांव में नही खोला जाना चाहिए। गांव का माहौल खराब हो रहा है लेकिन प्रशासन राजस्व बढ़ाने के लिए गांव के लोगों के भविष्य को खतरे में डालने का काम कर रहा है। शराब की दुकान का हर हाल में विरोध किया जाएगा।
भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश रावत ने कहा कि उनके गांव में शराब की दुकान खोला जाना उचित नहीं है। इसको कही अन्य जगह शिफ्ट किया जाए। इसको लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और प्रशासन से बात की जा रही। शहर कोतवाल अरविंद चौधरी ने बताया कि महिलाओं के विरोध के कारण संचालक ने स्टोर बंद कर दिया लेकिन देर शाम को खोल दिया।
बताया कि उनके पास सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का आदेश आया है। उसी क्रम में डिपार्टमेंट स्टोर को सुरक्षा दी जा रही है और गांव के लोगों को समझाया जा रहा। किसी को कोई शिकायत है तो जिलाधिकारी के पास जाकर अपनी समस्या बताए। इस अवसर पर दीपा थापली, रेनू थापली, मीरा जदवान, विमला थापली, विमला कोटाल, पुष्पा नेगी, कल्पना थापली सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।