राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में दून के युवा और महिलाएं हथकरघा की खूबियां बताएंगी। इसके लिए तुषार तांबे, अनिता नौटियाल, मानसी रांगड़, अनमोल कुमारी और अनिता गैरोला का चयन हुआ है। ये सभी लंबे समय से दून में हथकरघा से उत्पाद तैयार कर रहे हैं।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को गोदामबड़ी संस्था की ओर जोहरी गांव में प्रदर्शनी लगाई गई। संस्था के तुषार तांबे ने बताया, दून के कारीगरों को दिल्ली में हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने का मौका मिला है। यह प्रदेशवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उत्तराखंड में भी हैंडलूम और खादी को लेकर लोग जागरूक हुए हैं। हैंडलूम के उत्पाद लोगों को प्रकृति से जोड़ने का काम कर करते हैं। प्राकृतिक रूप से बनाए गए परिधानों को युवा काफी पसंद कर रहे हैं।केंद्र में लगभग सात हैंडलूम हैं और इसमें जाखन व आसपास के गांवों की 15 महिलाएं काम कर रही हैं। संस्था की ओर से महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाएं बेडशीट, सूट और कुर्ता के कपड़े, तौलिया, योगा मैट, दरी आदि बनाती हैं।