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Dehradun News: सर्दियों में शिकार की आशंका को देखते हुए वन विभाग सतर्क

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Iस्वाद के लिए किया जाता है बेजुबानों का शिकारI

सर्दियों की दस्तक के साथ ही सीमावर्ती जंगलों में शिकार की आशंका बढ़ जाती है। शिकारी घने कोहरे और ठंड का फायदा उठाकर जंगलों में चोरी छिपे घुस कर बेजुबानों को अपना शिकार बनाते हैं। अक्सर स्वाद के लिए बेजुबानों को शिकार किया जाता है। जिसे देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अभी से नियमित गश्त को बढ़ा दिया गया है। जंगलों में पैनी नजर रखी जा रही है। 24 घंटे जंगल में होने वाली गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग अंतर्गत तिमली रेंज राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के पश्चिमी भाग से सटी है। इसकी सीमा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शिवालिक वन प्रभाग से जुड़ी हैं। करीब 9703 हेक्टेयर भू-भाग में फैली इस रेंज के जंगल में घुरल, सांभर, नील गाय, बारहसिंगा निवास करती हैं। साल भर यहां हाथी और गुलदार का मूवमेंट भी रहता है।
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तिमली रेंज से लगती हुई चकराता वन प्रभाग की आसन झील है, जो करीब 440.44 हेक्टेयर में फैली है। सर्दियों की दस्तक के साथ ही साइबेरियन पक्षी सुर्खाव समेत कई विदेशी प्रजाति के पक्षी मीलों दूरी नापकर यहां आते हैं। प्रवासी पक्षियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। पक्षियों की पहुंचते ही शिकारी भी सक्रिय हो जाते हैं। खासकर सुर्खाव के शिकार की आशंका बढ़ जाती है। शिकारी स्वाद के लिए सुर्खाव का शिकार करते हैं।





Iकाकड़ का शिकार करते हुए पकड़े गए थे चार लोगI

वर्ष 2021 में तिमली रेंज के जंगल में काकड़ का शिकार करते हुए चार लोगों को पकड़ा गया था। उनके पास से मृत काकड़ और बंदूक बरामद हुई थी।





I2016 में सुर्खाब का हुआ था शिकारI



वर्ष 2016 में चकराता वन प्रभाग अंतर्गत प्रवासी पक्षी सुर्खाव का शिकार किया गया था। तब विभाग ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वन विभाग ने हिमाचल के दो लोगों को गिरफ्तार किया था।





Iदो शावकों संग दिखाई दी थी बाघिनI

तिमली रेंज की सीमा उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन प्रभाग से सटी हुई है। वर्ष 2015 में यहां वन कर्मियों ने तिमली रेंज के दर्रारेट के निकट बाघिन को दो शावकों के साथ देखे जाने का दावा किया था। कुछ जगहों पर बाघिन के पंजों के निशान मिले थे। बाघिन को ट्रैप करने के लिए कैमरे लगाई गए थे, हालांकि बाघिन कैमरों में नजर नहीं आई।
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Iशिकार की आशंका को देखते हुए रात्रि में नियमित गश्त को बढ़ा दिया गया है। गांवों से सटे जंगल पर विशेष नजर रखी जा रही है। रातभर जंगलों में गश्त की जा रही है। - मुकेश कुमार, वन क्षेत्राधिकारी तिमली रेंजI
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