पुलिस पूछताछ में आरोपी की पत्नी ने खुलासा किया था कि पाकेश शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। इसके चलते वह बिजनौर छोड़कर काशीपुर अपनी मां के पास आ गई और जूते की एक फैक्ट्री में काम करने लगी थी। यहां पर उसकी मुलाकात ग्राम भगतपुर मुरादाबाद निवासी नेकपाल से हुई। कुछ समय बाद दोनों में प्रेम संबंध बन गए। इस बीच पाकेश भी काशीपुर आ गया और उसे दोनों के बारे में पता चल गया।
यहां आकर भी वह मारपीट करने लगा। 10 अगस्त 2014 की रात को पाकेश शराब पीकर आया था और उसके साथ मारपीट के बाद सो गया था। इस बीच उसने नेकपाल को फोन किया। नेकपाल के घर पहुंचने पर पाकेश की नींद खुल गई और उसने नेकपाल का विरोध किया।
इस दौरान आरोपी की पत्नी ने सरिया उठाकर पाकेश के सिर पर हमला कर दिया और नेकपाल ने पाकेश का गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। 12 फरवरी 2014 को पुलिस ने नेकपाल को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार को तृतीय अपर जिला जज विवेक द्विवेदी ने मामले में गवाहों और बयान के आधार पर सरोज नेकपल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।