रेणु के पति रूपचंद को इसकी भनक लगी तो उसने विनीत से मिलने पर रोक लगा दी। इसके बाद विनीत ने रेणु को चोरी छिपे एक मोबाइल दिया, जिससे दोनों बातें करते थे। विरोध के चलते दोनों ने रूपचंद को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
घटना से एक दिन पहले विनीत ने रेणु को नींद की गोलियां लाकर दीं। नौ जून को रेणु ने धोखे से रूपचंद को नींद की गोलियां खिला दीं। इसके बाद रेणु ने विद्यालय का गेट खुला छोड़ दिया।
रूपचंद के सोने पर विनीत अपने दोस्त जोगेंद्र को लेकर पहुंच गया और दोनों ने मिलकर रूपचंद का गला घोंट दिया। इसके बाद तीनों रूपचंद का शव घसीटकर दूसरे कमरे में ले गए और आत्महत्या का रूप देने के लिए शव पंख से लटका दिया।
एसपी ने बताया कि आरोपी विनीत और उसके दोस्त जोगेंद्र सिंह दोनों निवासी ग्राम बमनौला पैजानिया थाना हल्दौर बिजनौर लक्ष्मणचौक और सेलाकुई क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों हत्या की बात स्वीकार कर ली है।
विनीत लोगों को ऋण दिलाने के एजेंट के रूप में काम करता था। रूपचंद के भाई लक्ष्मीचंद की तहरीर पर रेणु, विनीत और जोगेंद्र के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड़यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस दौरान कोतवाल राकेश गुसांई, एसएसआई मनमोहन नेगी, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
चार बच्चों की जिंदगी हुई बर्बाद
हर्रावाला के स्कूल में भोजनामाता का काम करने वाली रेणु के प्रेम प्रंसग ने उसके चार बच्चों की जिंदगी तबाह कर दी है। पिता की हत्या और मां के जेल जाने के बाद उनकी परवरिश करने वाला कोई नजदीकी रिश्तेदार यहां नहीं है। पुलिस के अनुसार रूपचंद के चार बच्चे हैं। इनमें तीन लड़कियां और एक लड़का है। रूपचंद स्कूल में चौकदारी के अलावा लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में होने वाले भंडारों में काम करके परिवार का भरण पोषण करता था। रूपचंद गोरखपुर में घर बनाने की तैयारी कर रहा था।
रूपचंद का कत्ल पत्नी रेणु ने अपने प्रेमी विनीत और उसके दोस्त जोगेंद्र के साथ मिलकर किया था। तीनों ने इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव पंखे पर लटका दिया था। पुलिस को पहले दिन ही शक हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने की बात उजागर हुई तो शक यकीन में बदल गया। डोईवाला पुलिस और एसओजी टीम के संयुक्त प्रयासाें से आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया है।
-श्वेता चौबे, कार्यवाहक एसएसपी