मौके पर पहुंची पुलिस को बोरे में एक व्यक्ति का शव मिला। आसपास के लोगों से शव की शिनाख्त कराई गई, तो एक व्यक्ति ने बताया कि शव उनके चाचा का है। एसएसपी ने बताया कि शिनाख्त के बाद पुलिस टीम मृतक सुरेंद्र के घर पहुंची, तो उसकी पत्नी व बेटा गायब मिले।
पुलिस ने खंडा में रह रही सुरेंद्र की बेटी को मामले की सूचना दी, जिस पर उसके दामाद अनिल रावत ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। देर शाम पुलिस को सूचना मिली कि सुरेंद्र की पत्नी सुमित्रा नेगी और बेटा मोहन नेगी ढांडरी की तरफ जा रहे हैं। टीम ने दोनों को ढांडरी तिराहे पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ में सुरेंद्र की पत्नी सुमित्रा ने बताया कि 11 जनवरी की रात को सुरेंद्र सिंह नेगी नशे की हालत में घर पहुंचा और किसी बात पर उन दोनों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद उसने सुरेंद्र के पैर दबा लिए और बेटे मोहन ने गला दबा दिया। इसके बाद दो दिन तक शव घर में ही छुपाकर रखा। 13 जनवरी को शव को बोरे में रखवाकर नेपाली मजदूर मन बहादुर से तिमली रोड पर फिंकवा दिया और दूसरे दिन दोनों भाग गए।
एसएसपी ने बताया कि सुमित्रा और मोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जबकि मजदूर की तलाश जारी है। घटना का खुलासा करने वाली टीम में एसआई ओम प्रकाश, कांस्टेबल विपुल खंडूड़ी, सोनम, प्रकाश सिंह व हरीश को 2500 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। कोतवाल लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि आरोपियों को बुधवार न्यायालय में पेश किया जाएगा।