बचाव पक्ष की जिरह में कही खुशराज ने बात
‘मैंने वनंत्रा रिजॉर्ट में चार दिन हाउस कीपिंग का काम किया। 19 सितंबर 2022 को शाम के समय लक्ष्मणझूला पुलिस स्टेशन चले गए थे। पुलिस हमें यह कहकर ले गई कि सब हमारे साथ हैं, तुम भी चलो। थाने में मैं, मेरा भाई अभिनव, सौरभ भास्कर सर, सौरभ बिष्ट सर्विस वाला लड़का, मनवीर सिंह चौहान और करन गए। हम सभी लोग थाने में तीन से चार दिन रहे। पुलिस ने मेरा आधार कार्ड नहीं मांगा। मेरा आधार कार्ड नहीं बना हुआ है।’
यह था मामला
18 सितंबर को अंकिता अचानक रिजॉर्ट से गायब हो गई थी। बताया गया कि उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने पटवारी चौकी में दर्ज कराई। अंकिता जब नहीं मिली तो क्षेत्र के लोग हंगामा करने लगे। मामला इतना बढ़ा कि शासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। 22 सितंबर को डीएम पौड़ी के आदेश पर जांच पटवारी पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंप दी गई। पुलिस ने एकाएक घटना का पटाक्षेप करने का दावा कर दिया और पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर व अंकित को गिरफ्तार कर लिया। कहानी थी कि ये तीनों अंकिता को साथ ले गए और उसे चीला नहर में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया।