क्षेत्र के टीचर्स कॉलोनी, चोरखाला और टेलीफोन एक्सचेंज रोड की करीब आठ हजार की आबादी पिछले एक सप्ताह से पानी के लिए तरस रही है। नए नलकूप से मिट्टी युक्त पानी आने के बाद जल निगम ने पेयजल आपूर्ति को बंद कर दिया है। तीनों क्षेत्रों में पेयजल टैंकर को भेजकर लोगों को राहत देने का काम किया जा रहा है, लेकिन टैंकर का पानी केवल लोगों की प्यास बुझाने के काम आ रहा है। नहाने और कपड़े धोने तक के लिए पानी उपलब्ध नहीं है।
टीचर्स कॉलोनी, चोरखाला और टेलीफोन एक्सचेंज रोड में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत नए नलकूप का निर्माण किया गया था। करीब एक साल के बाद पेयजल आपूर्ति शुरू हुई तो लोगों को लगा कि अब स्वच्छ पेयजल मिलेगा, लेकिन करीब एक सप्ताह पहले लोगोें के घरों में मिट्टी युक्त पानी आने लगा।
जब लोगों ने इसकी सूचना पेयजल निगम को दी तो अधिकारियों ने आपूर्ति बंद करवा दी। नलकूप और टैंक सफाई के बाद पेयजल आपूर्ति को दोबारा शुरू करने की बात कही। अब करीब एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है और लोग पेयजल टैंकर के भरोसे हैं। टैंकर का पानी पीने और खाना बनाने के काम आ रहा है। पानी की किल्लत के कारण नहाने, कपड़े धोने और सफाई आदि कार्य ठप पड़े हैं।
वर्जन
जल जीवन मिशन के तहत नलकूप नया लगाया गया है। अक्सर शुरुआत में नलकूप से मिट्टीयुक्त पानी की आपूर्ति होती है। जिसे देखते हुए आपूर्ति बंद की गई है। नलकूप की सफाई कराई जा रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों की व्यवस्था की गई है। - महेंद्र कुमार, अवर अभियंता, जल निगम
हफ्तेभर बाद भी पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी पशु पालने वाले लोगों को हो रही है। टैंकरों के पानी से काम चलाना पड़ रहा है। - पुष्पा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य
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- एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है। पेयजल टैंकर का पानी घर के कार्यों के लिए पूरा नहीं पड़ रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हो रही है, लोग परेशान हैं। नई योजना के फायदे की बजाय फजीहत हो रही है। - कालूराम, स्थानीय निवासी
किसी तरह से पेयजल टैंकर के पानी से पीने और खाना बनाने के इंतजाम कर रहे हैं। कई काम नहीं हो पा रहे हैं। बच्चे गर्मी में मुंह हाथ धोकर स्कूल जा रहे हैं। पानी न होने के चलते पति को भी काम पर जाने में देरी हो रही है। कई बार शिकायत के बाद भी अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं। - सोमवती देवी, स्थानीय निवासी
पेयजल आपूर्ति बाधित होने के चलते परेशानी हो रही है। एक सप्ताह से विभाग केवल आश्वासन दे रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो क्या होगा। रात को पीने का पानी खत्म हो जाए तो प्यासे रहना पड़ता है। सुबह जब तक टैंकर नहीं आता, तब तक दैनिक कार्य अटके रहते हैं। - रामानंद यादव, स्थानीय निवासी