गर्मी में भूजल स्तर कम होने की वजह से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। शहर में तमाम ऐसे इलाके हैं जहां पर लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। लेकिन कई जगहों पर पेयजल लाइन में लीकेज की वजह से पानी सड़कों पर बह रहा है। लीकेज से पानी की आपूर्ति बाधित होने के साथ लाइनों में प्रेशर भी कम हो रहा है। जल संस्थान लीकेज लाइनों को ठीक नहीं कर पा रहा है। मानकों की बात करें तो पेयजल लाइनों में लीकेज की अधिकतम सीमा पांच प्रतिशत होनी चाहिए। लेकिन दून में यह आंकड़ा 25 से 30 प्रतिशत के बीच है। दून के कई इलाकों के लोगों ने पेयजल की बर्बादी की फोटो और वीडियो अमर उजाला से साझा की हैं।
यहां लीकेज की समस्या
ईश्वर विहार, सुंदरवाला में ट्यूबवेल में लगा वॉल्व खराब है। इससे पेयजल बर्बाद हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ऐसा सिर्फ कुछ दिन से नहीं काफी समय से हो रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जल संस्थान इसे ठीक नहीं कर रहा है।
_______
महेंद्र विहार, होटल रमाडा के पीछे साइंटिफिक पैथ लैब के बाहर पिछले एक महीने से पानी बह रहा है। यहां पेयजल लाइन में लीकेज है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस संबंध में कौलागढ़ जल संस्थान जाकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
______
जीएमएस रोड से गांधीग्राम वाली गली में जेबी मार्बल के पीछे की तरफ पेयजल लाइन में लीकेज की समस्या बनी हुई है। सड़क पर पानी बह रहा है। ऐसे में राहगीरों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
_________
शिकायतों पर संज्ञान ले रहा जल संस्थान
अमर उजाला पेयजल की समस्या को लेकर उठा रहा है। लोग अपने क्षेत्र की पेयजल समस्या को साझा कर रहे हैं। लोगों की समस्याओं को अमर उजाला प्रकाशित कर रहा है। जिसके बाद जल संस्थान समस्या का समाधान भी कर रहा है।