हर्रावाला और कुआंवाला ग्राम पंचायतों को जोड़कर 2018 में वार्ड-97 का गठन किया गया। 30 हजार से ज्यादा आबादी के इस क्षेत्र को शहर में शामिल हुए पांच साल बीत गए हैं। वार्ड में कई सड़कों और पथ प्रकाश की व्यवस्था खराब है। हालांकि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था ठीक है। इसकी वजह वार्ड में कूड़ा उठान व्यवस्था निगम के बजाय संस्था के हाथों में है।
2021 में वार्ड में सीवर लाइन डालने शुरू हुआ काम आज तक पूरा नहीं हो सका है। सीवर लाइन की वजह से वार्ड में जगह-जगह सड़कें टूटी हैं। जिससे लोगों को आवाजाही करने में परेशानी होती है। बरसात होने पर कीचड़ और गड्ढों में जलभराव से चलना मुश्किल हो जाता है। नगर निगम में शामिल होने के बाद वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ाई गई थी, लेकिन लाइटें खराब होने से ज्यादातर गलियों में अंधेरा पसरा रहता है। वार्ड के निवर्तमान पार्षद विनोद कुमार का कहना है कि नगर निगम में आने के बाद वार्ड में स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को ओर बेहतर करने का प्रयास किया गया। इस वार्ड में कूड़ा उठान की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जाती है।
I250 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें हैं खराबI
दिसंबर में बोर्ड की समाप्ति होने के बाद से स्थिति और भी खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की हालत बहुत खराब है। निवर्तमान पार्षद भी कहते हैं कि वार्ड में 250 से ज्यादा लाइटें खराब हैं। इनके संबंध में नगर निगम में शिकायत की जाती है तो ठीक नहीं होती है। जिसके बाद निजी स्तर पर इन लाइटों को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।