चकरता। तहसील क्षेत्र के बिरमऊ कांडी में प्रस्तावित हेलीपैड निर्माण का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है इस निर्माण से क्षेत्र के पर्यावरण और भू-संरचनाओं को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।सोमवार को प्रस्तावित हेलीपैड निर्माण स्थल पर ग्राम क्यावा, नगऊ, छटऊ और माख्टी के निवासी ग्रामीणों ने बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा जिस भूमि पर हेलीपैड बनाया जाना प्रस्तावित है, उसका उपयोग वर्तमान में पशुओं के चुगान के लिए किया जाता है। निर्माण होने से न केवल पशुपालन प्रभावित होगा बल्कि, भू-संरचनाओं के कमजोर होने और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा इस निर्माण से रामताल गार्डन के लिए जाने वाली पेयजल लाइन और ग्रामीणों के पैदल मार्ग भी प्रभावित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया ग्राम पंचायत की भूमि पर बिना पंचायत की सहमति के निर्माण कार्य करना पंचायती राज अधिनियम की भावना के विरुद्ध है। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए बिना हेलिपैड निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। बैठक में स्याणा संजय सिंह तोमर, चैतन चौहान, प्रदीप तोमर, अरुण चौहान, खुशीराम जोशी, अनिल तोमर, केशर सिंह, गितेश, शोभाराम जोशी, पूरन सिंह तोमर मौजूद रहे।