32 साल से द्वार और बिश्लाड़ खत के 12 गांवों के ग्रामीण कच्चे और उबड़-खाबड़ मोटरमार्ग पर सफर कर रहे हैं। दांवापुल-खारसी मोटरमार्ग पर जगह-जगह मलबा आ गया है। कई सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। मोटरमार्ग पर जगह-जगह डेंजर जोन बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क सुधारीकरण की मांग के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पर दो बार प्रदर्शन किया था। अब लोकसभा चुनाव का विरोध कर रहे हैं।
वर्ष 1992 में लोक निर्माण विभाग खंड चकराता ने दांवापुल-खारसी मोटरमार्ग का निर्माण किया गया था। 16 किलोमीटर लंबे मोटरमार्ग से 12 गांवों की करीब पांच हजार की आबादी जुड़ी है। जिला पंचायत सदस्य मीरा जोशी, युवा संगठन खत द्वार के अध्यक्ष राकेश भट्ट, पूर्व प्रधान सुरेश थपलियाल, द्वार खत के सदर स्याणा रजनशी नेगी ने बताया कि सड़क की हालत दयनीय है। आवागमन करने में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने किया है चुनाव के विरोध का ऐलान
दांवापुल-खारसी मोटरमार्ग से जुड़े द्वार और बिश्लाड़ खत के 12 गांवों के लोगों ने लोकसभा चुनाव के विरोध का ऐलान किया था। उसके बाद बीते बुधवार को तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। लोग सड़क की वित्तीय स्वीकृति की मांग पर अड़े हैं।
सात लोग गवां चुके हैं अपनी जान
दांवापुर-खारसी मोटरमार्ग बहुत संकरा है, पैराफिट और क्रेश बैरियर नहीं हैं। वर्ष 2006 में मोटरमार्ग पर एक लोडर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2010 में यूटिलिटी के खाई में गिरने से एक युवक की मौत हुई थी। फरवरी 2023 में मैक्स के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। मोटरमार्ग की स्थिति इतनी खराब है कि 108 एंबुलेंस भी गांवों तक नहीं पहुंच पाती है।
सड़क से जुड़े हैं ये गांव
मोटरमार्ग से मिंडाल, खनाड़, कुराड़, सिचाड़, मंझगांव, समोग, बनियाना, थणता, जोगियो, सेंजाड़, सणोऊ और टावरा गांवों की पांच हजार की आबादी जुड़ी है।
लोनिवि खंड चकराता के सहायक अभियंता आदित्य ठाकुर ने कहा कि सड़क सुधारीकरण के लिए 15.58 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ सुधारीकरण कार्य की निविदा आमंत्रित की जाएगी।