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उत्तराखंड: रुड़की में दिन दहाड़े ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या, वारदात को अंजाम देकर बदमाश फरार

Sat, 21 Dec 2019 10:13 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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ग्राम प्रधान की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के रुड़की में रामनगर कचहरी के गेट के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने नगला कूबड़ा के ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाते हुए ग्राम प्रधान ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 

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झबरेड़ा थाना क्षेत्र के गांव नगला कूबड़ा के ग्राम प्रधान कमरे आलम (45) पुत्र मकसूद अहमद शुक्रवार को अपनी स्कॉर्पियो से किसी मामले में रामनगर कचहरी आए थे। यहां काम निपटाने के बाद वह कुछ ही दूरी पर गेट के बाहर खड़ी अपनी कार की तरफ पैदल जा रहे थे। तभी गेट के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कनपटी से सटाकर गोली मार दी। कमरे आलम लहूलुहान होकर जमीन पर जा गिरे। गोली मारने के बाद बाइक सवार बदमाश फरार हो गए। पुलिस ने मौके से एक खाली खोखा भी बरामद किया है। 

उधर, ग्राम प्रधान की हत्या किए जाने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीण भी अस्पताल में उमड़ पड़े। सिविल अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश प्रतीत होती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।

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आठ माह पूर्व ही छूटे थे जेल से 

पिछले साल ग्राम प्रधान का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से जमकर फायरिंग चली थी। विवाद में दोनों पक्षों की ओर से केस दर्ज करवाया गया था। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान कमरे आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस की मानें तो ग्राम प्रधान करीब आठ माह पूर्व ही जेल से छूटकर बाहर आया था। 

घटनास्थल पर खून ही खून
रामनगर कचहरी के गेट पर जिस जगह सड़क पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है, उसके पास खून ही खून पड़ा हुआ था। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को हटाया। साथ ही खून के धब्बों पर रेत डाला। इस बीच पुलिस ने आसपास के दुकानदारों से बदमाशों के बारे में जानकारी ली, लेकिन कोई कुछ नहीं बता पाया।

बदमाशों ने की पूरी रेकी
जिस तरह से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि बदमाश ग्राम प्रधान की आने लेकर जाने तक की रेकी कर रहे थे और कचहरी के आसपास ही मौजूद थे। बदमाशों ने रैकी करने के बाद ग्राम प्रधान के कचहरी से बाहर आते ही गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों को पता था कि ग्राम प्रधान की गाड़ी कचहरी के बाहर ही खड़ी है। उनके पास मौका था कि वह गाड़ी तक पहुंचने से पहले ही हत्या को अंजाम दे सकते हैं। 
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ग्राम प्रधान आज आए थे अकेले

ग्रामीणों की मानें तो ग्राम प्रधान कमरे आलम गांव से बाहर जब भी रुड़की या बाहर जाते थे तो उनके साथ एक या दो आदमी जरूर होते थे। लेकिन बुधवार को नियती को कुछ और ही मंजूर था कि उनके साथ कोई भी नहीं था। ग्रामीणों की मानें तो अगर ग्राम प्रधान के साथ रोजाना साथ रहने वाले दो लोगों में से एक भी होता तो शायद ही उनकी हत्या होती। 

पांच में से रह गए तीन भाई
ग्राम प्रधान और मुजम्मिल समेत पांच भाई थे। अब दो भाईयों की हत्या हो चुकी है, जिससे परिवार में अब सिर्फ तीन भाई रह गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान के दो बच्चे हैं। वहीं, बच्चों और परिवार वालों को सिविल अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हर कोई उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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