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Iविकासनगर में 70 और हरबर्टपुर में 36 सफाई कर्मचारियों की जरूरत
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Iविकासनगर में केवल 48 और हरबर्टपुर में 24 कर्मचारीI
विकासनगर और हरबर्टपुर नगरपालिका कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। इसकी वजह से सफाई और कूड़ा निस्तारण में समस्या आ रही है। नालों और नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है। खासकर वार्डों के अंदरूनी कॉलोनियों और मोहल्लों में रहने वाले लोग सड़कों और नालियों की सफाई न होने से परेशान हैं। कूड़ा कलेक्शन सेंटर तक समय पर कूड़ा न पहुंचने के चलते उसके निस्तारण में समस्या आ रही है।
विकासनगर नगरपालिका क्षेत्र की आबादी करीब 35 हजार के आसपास पहुंच गई है। वहीं पालिका में ग्राम सभा बाबूगढ़ और रसूलपुर को शामिल किया गया था। इससे पालिका का क्षेत्रफल और आबादी बढ़ गई। लेकिन आबादी के अनुरूप कर्मचारी और संसाधन नहीं मिल पाए। मौजूदा समय में पालिका में एक भी सफाई निरीक्षक नहीं है।
सफाई नायकों को प्रभारी सफाई निरीक्षक बनाकर काम चलाया जा रहा है। नियमानुसार एक हजार की आबादी पर दो सफाई कर्मचारी नियुक्त होते है। यहां 70 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। लेकिन केवल 48 कर्मचारी ही काम संभाल रहे हैं।
वहीं हरबर्टपुर नगरपालिका की आबादी अब करीब 18000 हो गई है। यहां केवल 24 सफाई कर्मचारी ही तैनात हैं। जबकि पालिका को 36 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। सफाई कर्मचारियों की कमी का खमियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विकासनगर शहर में बाबूगढ़ और रसूलपुर जैसे नए क्षेत्रों से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। सफाई न होने से नालियां चोक होकर सड़क पर पर गंदगी बह रही है। उधर हरबर्टपुर शहर के वार्डों के कॉलोनियों और मोहल्लों से समय पर कूड़ा न उठने से लोग परेशान हैं। दोनों पालिकाओं में कूड़ा देर से कलेक्शन सेंटर तक पहुंच रहा है। इसके कारण कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
Iपालिका प्रशासन ने भी मानी कर्मचारियों की कमी की बातI
विकासनगर के अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने कहा कि सफाई निरीक्षक और कर्मचारियों की कमी है। खासकर नए क्षेत्रों में सफाई और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था बनाने में दिक्कत आती है। वहीं हरबर्टपुर के अधिशासी अधिकारी भगवंत बिष्ट ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की कमी से शहर के वार्डों के अंदरूनी क्षेत्रों में सफाई में दिक्कत आती है। कहा की व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।