मानसून के जोर पकड़ते ही पुलिस ने चेतावनी सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। बरसात में चारधाम यात्रियों को भूस्खलन क्षेत्र की चेतावनी एसएमएस के जरिए भेजी जा रही है। ताकि, वह अपनी यात्रा को सुरक्षित बना सकें। इसे अलावा ट्रैकिंग रूट पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। भूस्खलन क्षेत्र के दोनों ओर जेसीबी के साथ एसडीआरएफ की टीमों को तैनात रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि इस बार चारधाम यात्रा में पिछले वर्षों से अलग व्यवस्था की गई थी। इस बार पूरे रूट को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में बांटकर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हर जगह पर एक चेक प्वाइंट के माध्यम से यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ उन्हें आगे के रूट के बारे में जानकारी दी जा रही है। अब पुलिस ने मानसून शुरू होते ही यात्रियों को एसएमएस के जरिए अलर्ट करना शुरू कर दिया है। इसमें बारिश के संभावित स्थलों से लेकर भूस्खलन वाले स्थानों की जानकारी भी दी जा रही है। पुलिस हर तीन घंटे में ये एसएमएस जारी कर रही है।
पूरे यात्रा रूट में कुल 66 भूस्खलन जोन पुलिस ने चिह्नित किए थे। यहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। लेकिन, अब सड़क निर्माण के चलते कुछ छोटे जोन भी बने हैं। लिहाजा पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम इन स्थानों को भी चिह्नित कर रही है। इन जगहों पर अस्थाई बोर्ड लगाए जा रहे हैं। साथ ही इन जगहों पर जेसीबी मशीनों को तैनात किया जा रहा है। ताकि, भूस्खलन होते ही तत्काल राहत कार्य किया जा सके। इसके अलावा अब मार्ग पर जाम आदि की दिक्कतों को देखते हुए बरसात में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश रेंज कार्यालय से जारी किए गए हैं।
कहां कितने भूस्खलन जोन
| उत्तरकाशी |
09 |
| टिहरी |
20 |
| चमोली |
18 |
| रुद्रप्रयाग |
14 |
| पौड़ी |
03 |
| देहरादून |
02 |
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पूरे रूट पर हर जगह पुलिस तैनात है। भूस्खलन क्षेत्र के दोनों ओर जेसीबी के साथ एसडीआरएफ को तैनात किया गया है। यात्रियों को चेतावनी के लिए एसएमएस भेजना भी शुरू कर दिया गया है। इनमें मौसम की भी चेतावनी जारी की जा रही है। यात्रियों से अपील की जा रही है कि जहां पुलिस और प्रशासन उन्हें रोकता है वहां पर सहयोग किया जाए। -राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल