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उत्तराखंडः सुबह धूप खिलने के बाद दोपहर में बदला मौसम, दून में ओलावृष्टि, बदरी-केदारनाथ में बर्फबारी

Tue, 25 Feb 2020 08:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी देहरादून के कई इलाकों में मंगलवार शाम बारिश के बाद ओले भी गिरे। बादलों की गड़गड़ाहट और चमक के साथ अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई। देर रात तक ज्यादातर क्षेत्रों में आसमान काले बादलों से घिरा रहा। 

मंगलवार को सुबह से राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज धूप खिली रही। दोपहर बाद हालांकि मौसम में बदलाव हुआ और काले बादल छाने लगे। तेज हवाओं के साथ बादलों की गड़गड़हाट भी हुई और बारिश होने लगी। इस दौरान राजपुर रोड और चकराता रोड से लगे कई इलाकों में तेज ओलावृष्टि भी हुई। लोगों ने सुरक्षित स्थान पर रहकर खुद को बड़े-बड़े ओलों से बचाया। कई जगह ओलों की सफेद चादर सी बिछ गई।

हालांकि बारिश और बर्फबारी का तापमान पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा। तापमान में तेजी से कमी नहीं आई और शाम के समय भी तापमान सामान्य के आसपास ही रहा। दिन में जहां अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, वहीं देर रात तक यह गिरकर 9.9 डिग्री तक पहुंच गया। 

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आज भी कई जगह बादल छाये रह सकते हैं। कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। अन्य स्थानों पर मौसम साफ रहने का अनुमान है।  वहीं बदरीनाथ धाम सहित चमोली जिले की ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई।

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भारी बर्फबारी के कारण फूलों की घाटी चारों ओर बर्फ से ढकी

वहीं फूलों की घाटी के निरीक्षण को गई नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की टीम ट्रैक पर भारी बर्फ जमी होने के कारण द्वारीपुल से आगे नहीं बढ़ पाई। टीम वहीं से वापस लौट गई है।

शीतकाल में पार्क प्रशासन की टीम घाटी की नियमित रैकी के लिए जाती है। इस वर्ष भारी बर्फबारी के कारण फूलों की घाटी चारों ओर से बर्फ से ढकी हुई है। फूलों की घाटी के लिए घांघरिया से होकर जाते हैं। घांघरिया में ही इन दिनों लगभग पांच फीट बर्फ जमी हुई है।

मौसम केंद्र ने आज कुछ क्षेत्रों में गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। 2500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने का भी अनुमान है। राजधानी दून में गरज और चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिर सकते हैं।

बदरीनाथ और केदारनाथ में बर्फबारी

मंगलवार को दोपहर बाद बदरीनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, मंडल घाटी, नीती और माणा घाटियों में बर्फबारी हुई। जिससे निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। गोपेश्वर, जोशीमठ, पोखरी, घाट, गैरसैंण, देवाल, थराली क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चलने से लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं। श्रीनगर  में भी मौसम खराब हो गया। यहां घने बादल छा गए और जोरदार गर्जना के साथ बिजली चमकने लगी। 

केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी 
दोपहर बाद केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। जबकि निचले इलाकों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बारिश की बौछारें गिरी हैं, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। मंगलवार को सुबह से जिला मुख्यालय से लेकर केदारनाथ तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा।

इस दौरान सूरज और बादलों की धूप-छांव का खेल चलता रहा। लेकिन दोपहर ढाई बजे से आसमान में घने बादल छाने लगे और कुछ ही देर में केदारनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होनी लगी, जो देर शाम तक हुई। धाम में पहले से लगभग दस फीट बर्फ मौजूद है। इधर, रुद्रप्रयाग में शाम को बारिश की तेज बौछारें गिरी। देर शाम तक आसमान में घने काले बादलों छाए रहे।
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कुमाऊं में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान 

कुमाऊं में मंगलवार को भी कई इलाकों बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। ओलों से गेहूं की फसल, फल और सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ जिले के पांखू क्षेत्र में बारिश के साथ ओले गिरे। ओलों की मार से फसलों और फलों को नुकसान पहुंचा है। मुनस्यारी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों  और धारचूला की व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों में हिमपात हुआ। पिथौरागढ़-टनकपुर बारहमासी सड़क पर इग्यारदेवी के पास दरकी पहाड़ी से मलबा हटाने का काम जारी है। इस स्थान पर मलबे को पूरी तरह साफ करने में लंबा समय लग सकता है।

सोमवार की देर शाम दूनागिरि, दुधोली, टोढरा, नायर, कुकुछीना आदि क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। इससे काश्तकारों की धनिया, लहसुन, मटर आदि साग सब्जी को नुकसान हुआ। आड़ू, प्लम, खुबानी आदि फलों में आ रहे फूल गिर गए। गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है। 

बागेश्वर समेत जिले के तमाम इलाकों में भी मंगलवार को बारिश हुई। धरमघर से लगे बास्ती, द्वारी, चुचेर, सिमगड़ी, महरूड़ी, सनगाड़, मझेड़ा समेत तमाम इलाकों में ओले गिरे। ओलावृष्टि से सब्जी, फल, फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कपकोट, शामा, बदियाकोट सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बारिश हुई। 

नैनीताल में मंगलवार को सुबह से लेकर शाम तक मौसम के मिजाज बिगड़े रहे। पूरे दिन रूक रूक कर बारिश होती रही। मौसम खराब होने के कारण नौकायन भी कम हुआ। नैनीताल के पिटरिया क्षेत्र में बिजली गिरने से पहाड़ी पर स्थित एक बोल्डर में दरारें पड़ गईं। इससे पहाड़ी की तलहटी में बसे लोगों को डर है कि यह कभी भी गिर सकता है।
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