बारिश व बर्फबारी से बागवानी कर रहे पौड़ी जिले के किसानों की चेहरे खिल गए हैं। यह बारिश फल और सब्जी के लिए बेहतर मानी जा रही है। जिले में करीब 23 हजार किसान फल, सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। डीएचओ डा. नरेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में बारिश व बर्फबारी फलों के उत्पादन के लिए गुणकारी है।
इससे भू-जल स्तर बेहतर बनेगा, जो सिंचाई में उपयोगी साबित होगा। उद्यान विशेषज्ञ डा. सुदेश जुगरान ने बताया कि बारिश व बर्फबारी सेब, खुमानी, अखरोट, नाशपाती, पुलम, बादाम व कीवी की फसल को बहुत ही लाभदायक हैं।
चटक धूप खिलने से ठंड से मिली कुछ राहत
तीन दिन बाद मौसम में हुए सुधार और खिली गुनगुनी धूप से लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली। दिनभर रुद्रप्रयाग जनपद में मौसम सुहावना रहा। सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे। लेकिन 9 बजे के बाद मौसम में सुधार होते ही धूप खिलने लगी, जो दिन चढने के साथ तेज होती रही। इस दौरान लोगों ने धूप का खूब आनंद लिया।
इस दौरान जिला मुख्यालय में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियश दर्ज किया गया। लेकिन शाम को शीतलहर के कारण पारा गिरकर 8 डिग्री तक जा पहुंचा। उधर, केदारनाथ, तुंगनाथ, मद्महेश्वर समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र अब भी बर्फ से लकदक हैं। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे बनियाकुंड से आगे बंद है।
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौलीधार के समीप पहाड़ से मलबा आने से लगभग 10 घंटे तक यातायात ठप रहा। कार्यदायी संस्था लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने दोनों ओर मशीन लगाकर बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे वाहनों का आवागमन बहाल करवाया।
बुधवार रात्रि करीब साढ़े 11 बजे धौलीधार के समीप पहाड़ी से भारी चट्टान टूटकर हाईवे पर जा गिरी, जिससे लगभग 50 मीटर हिस्से में बोल्डर व मलबा फैल गया। मलबे की वजह से पैदल आवाजाही भी पूरी तरह से ठप हो गई। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने रात में ही मशीनों से मलबा व बोल्डरों को हटाने का कार्य शुरू किया। रात भर मशीनों के काम करने के बावजूद सुबह साढ़े नौ मार्ग खुल पाया।
राजमार्ग बाधित होने की वजह से सब्जी, अखबार व दूध जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित रही। थाना प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि रात में सड़क बंद होने की सूचना मिलने पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के लिए कहा गया था।