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उत्तराखंडः देहरादून में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, मसूरी और धनोल्टी में हुई बर्फबारी ने बढ़ाई ठंड

Sat, 18 Jan 2020 07:18 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
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आज राजधानी देहरादून में सुबह की शुरुआत बादलों के साथ हुई। हालांकि बाद में धूप खिल आने से लोगों से ठंड से कुछ राहत मिली। लेकिन दोपहर बाद दून में मौसम बदल गया। बादल छा गए और बूंदाबांदी होने लगी। दोहपर तीन बजे बाद दून में झमाझम बारिश शुरू हो गई।

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प्रेमनगर में इतनी ओलावृष्टि हुई, मानो सड़क पर सफेद बर्फ बिछ गई हो। बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में काफी गिरावट आ गई है। शाम होते-होते मसूरी में भी बर्फबारी हो गई। देश-विदेश से आए पर्यटक बर्फबारी का मजा लेते दिखे। वहीं स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते दिखे। 

शनिवार को दोपहर बाद मौसम की बदली करवट के बीच जौनसार बावर की ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई। चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई। जिसे देख वीकेंड बनाने चकराता पहुंचने पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। पर्यटकों ने बर्फ में जमकर मौज मस्ती की। शाम को भी क्षेत्र में बारिश के बीच बर्फबारी हुई। 
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वहीं पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में शनिवार को भी बर्फबारी हुई। बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग एक बार फिर बंद हो गया है। कुमाऊं की बात करें तो रुद्रपुर, अल्मोड़ा, भीमताल और नैनीताल में दिनभर बादल छाए रहे। नैनीताल में सुबह कोहरा छाया रहा और दोपहर बाद बर्फबारी हुई। मुक्तेश्वर में भी बर्फबारी हुई। सुबह रामनगर और पहाड़पानी में धूप खिली रही बाद में बादल छा गए। मुनस्यारी, रीठा साहिब, लोहाघाट और मुक्तेश्वर में रुक-रुक कर बारिश होती रही। वहीं दोपहर बाद पिथौरागढ़ में भी ओलावृष्टि हुई। यहां तापमान में काफी गिरावट आई है।

बर्फबारी ने फिर बढ़ाई पहाड़ की मुश्किलें

शनिवार को गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। सुबह से हल्के बादल छाने और इसके बाद अचानक बारिश होने से पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। शनिवार को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हेमकुंड साहिब, चोपता, हर्षिल, भटवाड़ी, निजमुला घाटी, खिर्सू आदि क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। साथ ही पहले से ही बर्फ से ढके गांवों में दोबारा हिमपात होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। खासकर चारपत्ती, लकड़ी का संकट पैदा होने के साथ ही बिजली, पानी और संचार की समस्या पैदा हो गई है।

चमोली जिले में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित

बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि ने चमोली जिले में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। जिले में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। जबरदस्त ठंड के कारण दोपहर बाद नगर क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने घरों में दुबके रहे। हिमपात से जिले की 13 सड़कें अवरुद्घ हो गई हैं, जबकि पांच गांवों में विद्युत सप्लाई ठप पड़ गई है। 87 गांव पूरी तरह से बर्फ के आगोश में समा गए हैं।

चमोली जिले में विभिन्न जगहों का तापमान

स्थान                 अधिकतम        न्यूनतम 
बदरीनाथ              माइनेस तीन     माइनेस नौ 
हेमकुंड साहिब        माइनेस पांच    माइनेस 11 
औली                  माइनेस एक      माइनेस सात 
जोशीमठ              दो               माइनेस तीन 
गोपेश्वर               पांच            13
पोखरी                 दो             माइनेस तीन

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भरपूर में साढ़े नौ घंटे बदरीनाथ हाईवे रहा अवरुद्ध 

पिछले दिनों से हो रही बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह बंद हो रहा है। शुक्रवार रात हाईवे देवप्रयाग के समीप भरपूर और श्रीनगर के समीप फरासू में बंद हो गया। फरासू में कुछ देर बाद ही राजमार्ग पर आवाजाही बहाल हो गई। लेकिन देवप्रयाग के समीप भरपूर में शनिवार सुबह नौ बजे यातायात बहाल हुआ।
 
इस दौरान आवश्यक आपूर्ति और नियमित बस सेवाएं प्रभावित हुई। वहीं, फरासू में एक एंबुलेंस जाम में फंस गई थी। इसमें रुद्रप्रयाग की ओर से लाए जा रहे मरीज को श्रीनगर की ओर से दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया।  शुक्रवार रात लगभग 10 बजे फरासू से पहले मलबा आने पर राजमार्ग बाधित हो गया। लोनिवि की मशीनों ने मलबा हटाना शुरू किया, लेकिन लगातार मलबा गिरने के कारण काम बीच में रोकना पड़ा। चौकी प्रभारी श्रीकोट महेश रावत ने बताया कि रात लगभग साढ़े 11 बजे मार्ग को खोल दिया गया।

इधर, देवप्रयाग से लगभग 10 किमी आगे भरपूर में शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे भारी चट्टान भर-भराकर सड़क पर आ गिरी। इससे श्रीनगर व ऋषिकेश की ओर जाने वाले भारी वाहन फंस गए। वहीं चंडीगढ, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून से पहाड़ की ओर आने वाली बस भी तड़के चार बजे से फंसी रही। लोनिवि एनएच खंड ने सुबह मशीनों से बोल्डर तोड़ने के बाद मार्ग से मलबा साफ किया। थाना प्रभारी महिपाल सिंह रावत ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया।

थराली के 20 से अधिक गांव बर्फ में कैद

शनिवार को दिनभर बारिश के कारण पिडंर घाटी में शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हिमपात होने से लागों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से थराली तहसील में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।

यहां 20 से अधिक गांव अभी भी बर्फ से ढके हैं। क्षेत्र में कई सड़कें बंद हैं। जिससे ग्रामीणों को खाने-पीने के सामान लाने में दिक्कत हो रही है और मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। खाद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी गांवों में सरकारी सस्त गले का राशन पहुंचा दिया गया है।
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