पिछले दिनों से हो रही बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह बंद हो रहा है। शुक्रवार रात हाईवे देवप्रयाग के समीप भरपूर और श्रीनगर के समीप फरासू में बंद हो गया। फरासू में कुछ देर बाद ही राजमार्ग पर आवाजाही बहाल हो गई। लेकिन देवप्रयाग के समीप भरपूर में शनिवार सुबह नौ बजे यातायात बहाल हुआ।
इस दौरान आवश्यक आपूर्ति और नियमित बस सेवाएं प्रभावित हुई। वहीं, फरासू में एक एंबुलेंस जाम में फंस गई थी। इसमें रुद्रप्रयाग की ओर से लाए जा रहे मरीज को श्रीनगर की ओर से दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया। शुक्रवार रात लगभग 10 बजे फरासू से पहले मलबा आने पर राजमार्ग बाधित हो गया। लोनिवि की मशीनों ने मलबा हटाना शुरू किया, लेकिन लगातार मलबा गिरने के कारण काम बीच में रोकना पड़ा। चौकी प्रभारी श्रीकोट महेश रावत ने बताया कि रात लगभग साढ़े 11 बजे मार्ग को खोल दिया गया।
इधर, देवप्रयाग से लगभग 10 किमी आगे भरपूर में शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे भारी चट्टान भर-भराकर सड़क पर आ गिरी। इससे श्रीनगर व ऋषिकेश की ओर जाने वाले भारी वाहन फंस गए। वहीं चंडीगढ, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून से पहाड़ की ओर आने वाली बस भी तड़के चार बजे से फंसी रही। लोनिवि एनएच खंड ने सुबह मशीनों से बोल्डर तोड़ने के बाद मार्ग से मलबा साफ किया। थाना प्रभारी महिपाल सिंह रावत ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया।
थराली के 20 से अधिक गांव बर्फ में कैद
शनिवार को दिनभर बारिश के कारण पिडंर घाटी में शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हिमपात होने से लागों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से थराली तहसील में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
यहां 20 से अधिक गांव अभी भी बर्फ से ढके हैं। क्षेत्र में कई सड़कें बंद हैं। जिससे ग्रामीणों को खाने-पीने के सामान लाने में दिक्कत हो रही है और मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। खाद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी गांवों में सरकारी सस्त गले का राशन पहुंचा दिया गया है।