पहाड़ी दरकने से पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे दिल्ली बैंड के समीप बंद हो गया। सड़क पर विशाल चट्टानों के आने से करीब 19 घंटे यातायात ठप रहा। बस, जीप, ट्रक सहित लगभग पांच सौ वाहन दिन भर फंसे रहे। बस और जीपों में सवार यात्रियों को भूखे-प्यासे इंतजार करना पड़ा। सड़क बंद होने के कारण कई यात्री लौट गए, जबकि कुछ यात्रियों को पैदल पुल से जाकर दूसरे वाहनों से यात्रा करनी पड़ी। हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, बरेली सहित अन्य शहरों की ओर जा रहे यात्री परेशान रहे। बुधवार शाम 6 बजे मार्ग खुलने पर लोग गंतव्य को रवाना हुए।
बरेली जा रही पूजा और दिव्या ने बताया कि वह सुबह छह बजे से सड़क खुलने का इंतजार कर रही हैं। अधिकांश यात्री पैदल रास्ते से दूसरी ओर जाकर अन्य वाहनों से गंतव्य को रवाना हुए। जिन यात्रियों के पास अधिक सामान था और बच्चे साथ में थे, उन्हें भूखे-प्यासे बसों या टैक्सियों में बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।
25 किलोमीटर पैदल चलकर पिथौरागढ़ पहुंचे बहराइच के मजदूर
सड़क बंद होने के कारण कई यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टनकपुर से बस में बैठकर पिथौरागढ़ आ रहे बहराइच के पांच मजदूर सुबह से नौ बजे तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। जब उन्हें लगा कि सड़क नहीं खुलने वाली तो वे पैदल रास्ते से मीना बाजार पहुंचे। वहां पर पिथौरागढ़ के लिए कोई वाहन नहीं मिलने के कारण उन्हें पैदल आना पड़ा। देवी प्रसाद, संतोष, संजय, शोभाराम सहित सभी यात्री 25 किलोमीटर चलकर घाट से पिथौरागढ़ पहुंचे।