रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज बदल गया। जहां राजधानी दून व आसपास के इलाकों में हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई और कुछ इलाकों में ओले भी पड़े, वहीं पर्वतीय इलाकों में कई इलाकों में बारिश होने के साथ बर्फबारी भी हुई। मौसम विज्ञानियों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे में राज्य के पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ ही बर्फबारी की पूरी संभावना है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली भी गिर सकती है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और थंडरस्टॉर्म गतिविधियों के सक्रिय होने की वजह से मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मैदानी क्षेत्रों में राजधानी दून में आसपास के इलाकों में जहां दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी के साथ ही कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। वहीं, तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। इतना ही नहीं मौसम विज्ञानियों का यह भी मानना है कि आने वाले समय में आने वाले 24 घंटे में भी राज्य के पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की पूरी संभावना है।
दूसरी ओर मौसम के बदले मिजाज के चलते राजधानी दून व आसपास के इलाकों में सुबह न सिर्फ तेज हवाएं चलीं, वरन आसमान में काले घने बादल उमड़ने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी हुई। काले घने बादलों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही थी कि घनघोर बारिश होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आखिरकार डेढ़ घंटे घंटे तक मौसम का मिजाज बदला रहा और आसमान में छाए घने बादल छट गए। हालांकि, राजधानी दून के आसमान में बादल दिनभर छाए रहे।
सेहत के लिए ठीक नहीं है मौसम का बदला मिजाज
मौसम के बदले मिजाज को देखने के लिए बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है। कारण कि चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो मौसम का यह बदला मिजाज खांसी, सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार जैसी बीमारियों को दावत देने वाला है। चिकित्सा विशेषज्ञों की माने तो गर्मी के मौसम में पारे में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मौसम के इस मिजाज में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है ऐसे में कोरोना महामारी की मार झेल रहे लोगों को और अधिक कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा। लिहाजा सावधानी बरतने की जरूरत है।