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उत्तराखंड मौसम: चमोली में मूसलाधार बारिश से सहमे ग्रामीण, घर छोड़ सुरक्षित स्थानों पर भागे

Sun, 09 May 2021 10:31 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाट/गोपेश्वर
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चमोली में तेज बारिश - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को दोपहर बाद करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे आपदा प्रभावित घाट क्षेत्र के लोग फिर अपने घरों से बाहर निकल गए। लेकिन देर शाम तक मौसम सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। 

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बारिश होने पर बाजार और आम रास्तों में फैला मलबा दलदल में तब्दील हो गया है। बारिश का पानी मलबे के साथ दोबारा लोगों की दुकानों और घरों में घुस गया। वहीं, गोपेश्वर में सड़क का गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। बीते चार मई को घाट बाजार के शीर्ष भाग में तीन जगहों पर बादल फटने की घटना हुई थी। कई लोगों के घर और दुकानें मलबे से क्षतिग्रस्त हो गए थे। अभी भी कई दुकानों में मलबा भरा हुआ है। 

रविवार को दोपहर में करीब एक बजे क्षेत्र में तेज बारिश हुई, जिससे आपदा प्रभावितों में दहशत फैल गई। वे फिर से अनहोनी की आशंका को देखते हुए अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों में चले गए। अपराह्न तीन बजे बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और अपने घरों को लौट आए। 
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क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक रतूड़ी ने बताया कि अभी भी कई घरों और दुकानों में मलबा भरा हुआ है। रविवार को हुई बारिश का पानी मलबे के साथ फिर से दुकानों में घुस गया है। 

वहीं, गोपेश्वर नगर क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त न होने से बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। रविवार को तेज बारिश होने पर सुभाष नगर, हल्दापानी, नैग्वाड़ और पटियालधार में सड़क का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया। मुख्य बाजार में भी सड़क का पानी दुकानों में घुस गया। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे कई जगहों पर नालियों में मलबा भरा हुआ है। नगर पालिका की ओर से मलबे को हटाया नहीं गया है।

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पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते बदला मौसम का मिजाज

रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज बदल गया। जहां राजधानी दून व आसपास के इलाकों में हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई और कुछ इलाकों में ओले भी पड़े, वहीं पर्वतीय इलाकों में कई इलाकों में बारिश होने के साथ बर्फबारी भी हुई। मौसम विज्ञानियों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे में राज्य के पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ ही बर्फबारी की पूरी संभावना है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली भी गिर सकती है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और थंडरस्टॉर्म गतिविधियों के सक्रिय होने की वजह से मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मैदानी क्षेत्रों में राजधानी दून में आसपास के इलाकों में जहां दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी के साथ ही कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। वहीं, तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। इतना ही नहीं मौसम विज्ञानियों का यह भी मानना है कि आने वाले समय में आने वाले 24 घंटे में भी राज्य के पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की पूरी संभावना है।

दूसरी ओर मौसम के बदले मिजाज के चलते राजधानी दून व आसपास के इलाकों में सुबह न सिर्फ तेज हवाएं चलीं, वरन आसमान में काले घने बादल उमड़ने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी हुई। काले घने बादलों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही थी कि घनघोर बारिश होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आखिरकार डेढ़ घंटे घंटे तक मौसम का मिजाज बदला रहा और आसमान में छाए घने बादल छट गए। हालांकि, राजधानी दून के आसमान में बादल दिनभर छाए रहे।

सेहत के लिए ठीक नहीं है मौसम का बदला मिजाज
मौसम के बदले मिजाज को देखने के लिए बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है। कारण कि चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो मौसम का यह बदला मिजाज खांसी, सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार जैसी बीमारियों को दावत देने वाला है। चिकित्सा विशेषज्ञों की माने तो गर्मी के मौसम में पारे में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मौसम के इस मिजाज में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है ऐसे में कोरोना महामारी की मार झेल रहे लोगों को और अधिक कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा। लिहाजा सावधानी बरतने की जरूरत है।
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