चरेख-धरगांव सड़क पर जोखिम उठा आवाजाही कर रहे ग्रामीण
दुगड्डा ब्लॉक की चरेख-धरगांव सड़क बरसात से खस्ताहाल है। कलवट क्षतिग्रस्त होने के साथ ही सड़क में गहरे गड्ढे पड़ चुके हैं। पहाड़ी से गिरा मलबा भी नहीं हटाया गया। छह गांवों के लोग जान जोखिम में डाल आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद लोनिवि दुगड्डा मार्ग की सुध नहीं ले रहा है।
वर्ष 2006 में पाली, कफल्डी, कूरीखाल, सिमलखेत, धरगांव, सौंटियालधार, गहड़ आदि गांवों के लोगों की मांग पर शासन ने 5 किमी चरेख-धरगांव सड़क निर्माण को मंजूरी दी। वर्ष 2010-11 में कार्यदायी संस्था लोनिवि दुगड्डा ने रोड कटिंग का कार्य शुरू किया। ग्रामीण सबीर अहमद, प्रीतम सिंह, मुकेश सिंह, अब्दुल अली, शकील, कासिम, दिनेश का आरोप है कि कई जगहों पर पेड़ होने के कारण सिंगल कटिंग की गई, जिसमें उक्त स्थानों पर मार्ग की चौड़ाई तीन मीटर से भी कम है। स्वीकृति के 17 साल बाद भी मार्ग अधूरा पड़ा है।
वर्ष 2015 में धरगांव से गहड़ तक सड़क विस्तारीकरण की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2016 में कार्यदायी संस्था की ओर से सर्वे किया गया, लेकिन अभी तक रोड कटिंग नहीं की गई।
ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और गहड़ गांव तक सड़क का विस्तारीकरण करने की मांग की है।
बरसात से क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। सड़क के डामरीकरण और गहड़ गांव तक सड़क विस्तारीकरण का प्रस्ताव शासन में लंबित है। बजट स्वीकृत होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- अजय सैनी, अवर अभियंता, लोनिवि दुगड्डा।