ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में सोमवार रात लगभग आठ बजे भारी भरकम चट्टान हाईवे पर गिर गई। इस दौरान दो वाहनों के ऊपर भी मलबा गिर गया। दोनों वाहनों के चालकों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। मलबे की वजह से राजमार्ग बाधित हो गया है। पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हुई हैं। मार्ग के अवरुद्ध होने से यातायात को देवप्रयाग व मलेथा से ऋषिकेश के लिए डायवर्ट किया गया है।
देवप्रयाग से करीब 25 किलोमीटर आगे ऋषिकेश की ओर तोताघाटी में सोमवार रात करीब 8 बजे अचानक ऊपरी ओर की चट्टान टूटकर सड़क पर आ गिरी। इसकी चपेट में वहां से गुजर रहे दो छोटे वाहन आ गए। गनीमत रही कि बोल्डरों की आवाज को सुन दोनों वाहनों के चालक वाहन छोड़ भाग निकले, जिनसे उनकी जान बच गई। बोल्डर गिरने से वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यहां लगभग 80 मीटर के दायरे में मलबे के ढेर लग गए।
जिससे ऋषिकेश और श्रीनगर जाने वाले वाहन बड़ी संख्या में दोनों ओर फंस गए। सूचना पर पुलिस ने यातायात को मलेथा-चंबा व देवप्रयाग से गजा-खाड़ी से होकर ऋषिकेश के लिए डायवर्ट कर दिया। थाना प्रभारी महिपाल सिह रावत ने बताया कि एक वाहन में पुलिसकर्मी चमोली से हरिद्वार और दूसरा वाहन चालक रेलवे अधिकारी को लेने ऋषिकेश जा रहा था। पीडब्लूडी के सहायक अभियंता बीएन द्विवेदी ने बताया कि लगभग 55 मीटर ऊपर से चट्टान टूटकर गिरी है। बोल्डर तोड़ने के लिए ब्रेकर व पोकलैंड लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि देर शाम तक सड़क को यातायात के लिए खुलने की उम्मीद है।
पिथौरागढ़ में मापांग के पास छिरकानी में ग्लेशियर खिसकने से मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से सीमांत से सड़क और पैदल मार्ग से आवाजाही नहीं हो पा रही है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने मार्ग से ग्लेशियर हटाने के लिए मजदूर लगा दिए हैं। मंगलवार तक इस मार्ग के खुलने की उम्मीद है।
इधर थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर बनिक के पास आया मलबा पूरी तरह से न हटने के कारण भारी वाहन मुनस्यारी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस कारण मुनस्यारी सामग्री लाने वाले ट्रक बनिक में ही फंसे हैं। यदि दो, चार दिनों में बड़े वाहनों के लिए यातायात बहाल नहीं होता है तो क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं का संकट गहरा सकता है।