उत्तराखंड में बुधवार को हुई जोरदार बारिश के बाद मलबा और भूस्खलन से 17 स्टेट हाईवे सहित कुल 202 सड़कें अवरुद्ध हो गईं। इनमें से 26 सड़कों को खोल दिया गया, जिसके बाद 176 सड़कें अभी भी बंद हैं। 228 जेसीबी मशीनों को सड़कों को खोलने के काम में लगाया गया है।
स्टेट हाईवे -15
मुख्य जिला सड़कें - 04
अन्य जिला सड़कें - 10
ग्रामीण सड़कें (सिविल) - 58
पीएमजीएसवाई - 89
- टिहरी-घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग कुटमानू के पास पुल टूटने से बीती छह जुुलाई से बंद है।
- रुद्रप्रयाग-पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग
- भूक्यिसैण- देघाट- बूंगीधार- मैहलचौरी- बछुवा बाण- चौखुटिया मोटर मार्ग
- गुप्तकाशी-कालीमठ-कोटमा-चौमासी मार्ग
- बांसवाड़ा- कणसिल- कोटमा- जाल- चौमासी राज्य मार्ग
- घट्टूगाट-चैलूसैंण और थलीसैंण-बूंगीधार स्टेट हाईवे
- म्यूनस अटल मोटर मार्ग
- थल- मुनस्यारी मोटर मार्ग
- देहरादून- किमाड़ी- लंबीधार मोटर मार्ग
- नरेंद्रनगर- रानीपोखरी मोटर मार्ग
प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने बताया कि रुद्रप्रयाग के नरकोटा में निर्माणाधीन पुल की बुनियाद ढहने के मामले में जांच के आदेश कर दिए गए हैं। इस मामले में जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को मामले में एफआईआर कराने के आदेश दिए गए हैं।
पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर पुल की भार क्षमता परखी जानी है जिसके लिए 25 जुलाई से तीन दिनों तक आवाजाही पूरी तरह ठप रहेगी। इस दौरान मार्ग से आनेजाने वाले वाहनों का संचालन पौड़ी-श्रीनगर-देवप्रयाग और पौड़ी-सतपुली-व्यासघाट मोटर मार्गों से किया जाएगा। जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने निर्देश जारी करते हुए परिवहन विभाग व पुलिस को व्यवस्था में किए बदलाव के तहत यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए जाने के निर्देश दिए हैं।