एसपी ने बताया कि आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी नवीन जेल कर्मचारियों के साथ कार्यालय में सहयोग करता था। उसने पहले जेल प्रशासन का विश्वास जीता और अब मौका पाकर फरार हो गया है। जेल में मौजूदा समय में 90 बंदी हैं, जिनमें से छह कैदी कोरोना के कारण क्वारंटीन में हैं। देहरादून में हत्या के मामले में कैद देहरादून का जितेंद्र उर्फ जित्ती भी डेढ़ साल से यहां कैद हैं।
पुलिस को तीन घंटे देरी से सूचना
पुरसाड़ी जेल से कैदियों के फरार होने की सूचना पुलिस को करीब तीन घंटे देरी से मिली। यह जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। सुबह करीब साढ़े दस बजे कैदियों के फरार होने का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान को इसकी सूचना दोपहर में करीब डेढ़ बजे दी गई। तीन घंटे बाद जिले की सीमाओं पर पुलिस थानों को अलर्ट किया गया।
एसपी यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि यह जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। जबकि जेलर प्रमोद पांडे का कहना है कि वे घटना के दौरान जेल में नहीं थे। सूचना मिलने पर तत्काल आईजी के साथ ही अन्य उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और जेल पहुंचकर वस्तुस्थिति पता की। इसी के चलते जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को देरी से सूचना दी गई।