विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो काम हो रहे हैं वह आगामी 25 वर्षों को ध्यान में रखते हुए हो रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार का प्रदेश को पूरा सहयोग मिल रहा है। प्राथमिकता से उत्तराखंड का विकास किया जा रहा है। इसके बाद उनसे प्रदेश में मौजूदा समय में चल रहे लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सवाल किए गए। पिछले दिनों पुरोला में हुई घटना के बारे में उन्होंने कहा कि वहां जो हुआ वह एक घटना के बाद आई प्रतिक्रिया थी, जो एक हादसे के रूप में सामने आई। कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं है। नाम बदलकर बहन बेटियों के साथ छल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देवभूमि का जो मूल स्वरूप है उसे हर हाल में बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
2200 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया
लैंड जिहाद के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी जमीनों से कब्जे हटाए जा रहे हैं। इसमें हम किसी खास वर्ग के खिलाफ नहीं हैं। अभी तक सरकारी तंत्र ने 2200 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया है। इसमें हर प्रकार के कब्जे शामिल हैं। अभी 3000 हेक्टेयर सरकारी जमीन ऐसी है जिस पर अवैध कब्जे किए गए हैं। सरकार इन्हें भी जल्द से जल्द सख्ती से हटाएगी। इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
तुष्टिकरण करने वाली पार्टी को ही पसंद नहीं समान नागरिक संहिता
समान नागरिक संहिता को लेकर उठ रहे सवालों पर सीएम ने कहा कि यह किसी वर्ग को परेशान करने लिए नहीं है। इसमें सभी की राय ली जा रही है। इसका ड्राफ्ट सभी की राय शुमारी के बाद ही तैयार किया जा रहा है। यह केवल उसी पार्टी को पसंद नहीं है जो आजादी के बाद से ही तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। सरकार इसे किसी वर्ग के वोटों के लिए नहीं बल्कि प्रदेश की भलाई के लिए ही लागू करने की तैयारी कर रही है। तमाम प्रबुद्ध लोग इसके समर्थन में आए हैं।