प्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर ठगी के मामलों के बीच उत्तराखंड पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए नया अभियान शुरू किया है। साइबर जागरूकता माह के तहत पुलिस ने साइबर पीस प्लेज अभियान शुरू किया है। इसके माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव की शपथ दिलाने के साथ सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए तकनीकी कार्रवाई के साथ आम लोगों की जागरूकता भी बेहद जरूरी है।
उत्तराखंड पुलिस की ओर से एक से 31 अक्तूबर तक साइबर जागरूकता 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लोगों से साइबर पीस प्लेज लेने की अपील की गई है। पुलिस ने लोगों से शपथ लेने के बाद उसके क्षण को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा करने और उत्तराखंड पुलिस के साइबर क्राइम सोशल मीडिया हैंडल को टैग करने को कहा है। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़कर साइबर सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बनाना है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि डिजिटल लेनदेन और इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ठग लोगों को कभी डिजिटल अरेस्ट, कभी निवेश में मुनाफे, कभी बैंक खाते और केवाईसी अपडेट तो कभी नौकरी और ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति से ओटीपी साझा करने या बैंकिंग संबंधी जानकारी देने से पहले सतर्क रहना जरूरी है।
अपने फोन की सुरक्षा जांचें
साइबर पुलिस लोगों को अपने मोबाइल फोन की सुरक्षा जांचने के लिए भी प्रेरित कर रही है। दरअसल, फोन सुरक्षित दिखाई देता है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह पूरी तरह सुरक्षित हो। लोगों को अपने फोन की सिक्योरिटी चेक करने के लिए कहा गया है। पुलिस की अपील है कि लोग अपने मोबाइल में संदिग्ध एप्लीकेशन, अनजान लिंक और असुरक्षित सेटिंग की जांच करें।
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एक शपथ, एक जिम्मेदारी
साइबर पीस प्लेज अभियान का संदेश है कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। हर नागरिक की एक छोटी सी सावधानी किसी बड़े साइबर अपराध को रोक सकती है। पुलिस ने लोगों से अभियान का हिस्सा बनने और शपथ लेकर अपने परिवार, दोस्तों और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की है। साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की भी सलाह दी गई है।