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Exclusive: उत्तराखंड के 21 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर नवंबर में आ सकता है SC का फैसला, पढ़ें पूरा मामला

Sun, 11 Aug 2024 04:10 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

इन परियोजनाओं समेत जल शक्ति में अटकी गंगा और उसकी सहायक नदियों से हटकर दूसरी नदियों में हाइड्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी देने को लेकर भी सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रयास अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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प्रदेश की 21 जल विद्युत परियोजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट नवंबर में अहम फैसला सुना सकता है। इसके लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति अक्तूबर माह में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी।

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प्रदेश की 2123.6 मेगावाट की 21 परियोजना में 11 पर कोई विवाद नहीं है। न ही किसी को कोई पर्यावरणीय आपत्ति। 10 योजना को सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट बॉडी अपनी मंजूरी दे चुकी है। इन 21 परियोजना पर काम शुरू हो सके, इसका 12 साल से इंतजार किया जा रहा था। धामी सरकार आने के बाद केंद्र स्तर पर लगातार न सिर्फ पैरवी की गई, बल्कि केंद्र के सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कराया गया।

ऊर्जा, पर्यावरण, जल शक्ति मंत्रालय और पीएमओ को एक टेबल पर बैठाया गया। इन्हीं प्रयासों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने 21 परियोजनाओं पर फैसला लेने से पहले कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को तीन महीने में रिपोर्ट देनी है। धामी सरकार के इन प्रयासों से उम्मीद जगी कि अक्तूबर तक समिति की रिपोर्ट जमा होने के बाद नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट अपना अहम फैसला देगा।
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इन परियोजनाओं समेत जल शक्ति में अटकी गंगा और उसकी सहायक नदियों से हटकर दूसरी नदियों में हाइड्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी देने को लेकर भी सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रयास अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ मुलाकात कर परियोजनाओं को मंजूरी देने का अनुरोध किया है।

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टीएचडीसी के साथ मिलकर कोयले से बिजली बनेगी
24 सालों में किसी भी सरकार ने उत्तराखंड को ऊर्जा सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने को थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र में कोई प्रयास नहीं किया। धामी सरकार ने इस दिशा में निर्णायक बढ़त बनाई है। टीएचडीसी संग मिलकर ज्वाइंट वेंचर बनाकर थर्मल प्लांट की संभावनाओं पर कदम आगे बढ़ा दिए हैं। उत्तराखंड ने थर्मल पावर प्लांट की दिशा में सबसे अहम कोल ब्लॉक आवंटित कराने में सफलता हासिल की है। अब राज्य पहली बार अपना थर्मल पावर प्लांट लगा कर बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा।

भू-तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने की कवायद
जियो थर्मल एनर्जी (भू-तापीय ऊर्जा) के क्षेत्र में आइसलैंड के साथ मिलकर बिजली उत्पादन की कवायद तेज हो गई है। राज्य में इस ऊर्जा से 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की संभावना है। इन्हीं संभावनाओं को ही आगे बढ़ाने को उत्तराखंड ने आइसलैंड के साथ मिलकर काम करने को कदम आगे बढ़ाएं हैं।
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