क्रॉस सब्सिडी में भी कमी के बजाए बढ़ोतरी का प्रस्ताव
नियम के हिसाब से क्रॉस सब्सिडी में हर साल कमी करनी होती है लेकिन यूपीसीएल ने संशोधित प्रस्ताव में कुछ को छोड़कर ज्यादातर में बढ़ोतरी की मांग की है। घरेलू श्रेणी में -19.80 से बढ़ाकर -23.86 प्रतिशत, अघरेलू में 15.90 से बढ़ाकर 17.27 प्रतिशत, गवर्नमेंट पब्लिक यूटिलिटी श्रेणी में 14.20 से घटाकर 11.66 प्रतिशत, प्राइवेट ट्यूबवेल में -62.70 से बढ़ाकर -66.05 प्रतिशत, एलटी इंडस्ट्री में 8.40 से 9.30, एचटी इंडस्ट्री में 9.20 से 9.82, मिक्स्ड लोड में 3.20 से 1.26, रेलवे ट्रैक्शन में 11.80 से -5.61 और इलेक्ट्रिक व्हीकल में -6.60 से 12.04 प्रतिशत की मांग की गई है। क्रॉस सब्सिडी का मतलब यह है कि अगर 100 रुपये के खर्च वाली बिजली घरेलू उपभोक्ताओं को 80 रुपये में दी जाती है तो उसकी भरपाई के लिए उद्योगों या अन्य जगहों पर वह 120 रुपये में बेची जाती है।
वर्तमान में जो दरें हैं, उनमें सरचार्ज जुड़ा हुआ है। हमने 16.96 प्रतिशत का जो प्रस्ताव दिया है, उसके संबंध में नियामक आयोग से सोमवार को बात करेंगे। ताकि 1507.13 करोड़ का जो गैप है, उसकी भरपाई का रास्ता निकले।
- अजय अग्रवाल, निदेशक, प्रोजेक्ट, यूपीसीएल