लंबे समय से वीरान पड़े टिहरी जिले के चार पर्यटक आवास गृह जल्द ही आबाद होंगे। जिला प्रशासन ने पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। अतिथिगृहों की साज सज्जा का सामान पर्यटन विभाग उपलब्ध कराएगा।
जिला प्रशासन की ओर से पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूहों को सौंपने से उम्मीद की जा रही है कि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। प्रभारी जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने चारों पर्यटक आवास गृहों मेें फर्नीचर, बेड़, बिस्तर, कुर्सी, मेज, बर्तन अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया है।
बताया कि बंग्लों की कांडी और सौड़ पर्यटक आवास गृहों का संचालन ग्राम पंचायत करेगी। मुखेम स्थित मड़भागीसौड़ के अतिथि गृह को श्री सेम नागराजा ग्राम संगठन और सुनहरीगाड़ अतिथि गृह को जय मां भगवती स्वयं सहायता समूह संचालित करेगा।
डीआरडीए में एनआरएलएम के तहत पंजीकृत गांवों के स्वयं सहायता समूहों को लंबे समय से बंद पड़े पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी दी है। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिलने के साथ ही उनकी आर्थिकी भी बढ़ेगी। क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी रात्रि विश्राम की सुविधा मिलेगी।
- इवा आशीष श्रीवास्तव, डीएम टिहरी।