यह है मामला
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण पर बिना कार्य कराए ही कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों को भुगतान करने का आरोप है। उन्होंने टेंडर आवंटन में भी पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा गया। शिकायत पर शासन ने पहले उत्तरकाशी के जिलाधिकारी और फिर मंडलायुक्त से जांच कराई। जांच में प्रथमदृष्ट्या आरोप सही पाए गए। उत्तरकाशी जिला पंचायत के तत्कालीन प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी अभियंता संजय कुमार और जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद शासन ने बिजल्वाण को अक्तूबर 2021 में कारण बताओ नोटिस जारी किया लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला। ऐसे में बिजल्वाण और प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी को पद से हटा दिया गया। पद से हटाने के शासन के निर्णय के खिलाफ बिजल्वाण ही हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी पर विचार करते हुए उन्हें बहाल करने के आदेश दिए थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी धन का दुरुपयोग, गबन व आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार को सौंपी गई है।
- अनुज कुमार, सीओ उत्तरकाशी।