बताया जा रहा है कि यदि नकल मफिया पकड़े जाते हैं तो कई बड़े नाम और सामने आएंगे। विभाग के अंदर सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारियों की भी इसमें मिलीभगत की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक इनके खिलाफ भी पर्याप्त सुबूत नहीं मिले हैं।
जनप्रतिनिधि बोला- निजी काम से आया बैंकॉक
जिस जनप्रतिनिधि का नाम इस मामले में सामने आ रहा है, उन्होंने शुक्रवार को मीडिया को बयान दिया है। उनका कहना है कि वह विदेश भागकर नहीं आए हैं बल्कि निजी काम के लिए बैंकॉक में हैं। उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। जनप्रतिनिधि ने खुद को फंसाने की बात भी कही।
मनोज जोशी से मिले कई अहम दस्तावेज
पेपर लीक मामले में रिमांड पर लिए गए मनोज जोशी की निशानदेही से कई दस्तावेज हासिल किए गए हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मनोज जोशी निवासी मयोली, दनिया, जिला अल्मोड़ा को शुक्रवार को एक दिन की रिमांड पर लिया गया। जोशी आयोग में पीआरडी के जरिये काम कर चुका है। पेपर लीक के वक्त आयोग को तकनीकी सहयोग देने वाली कंपनी से जुड़ा था। पेपर आयोग के अंदर से निकालने वाले जयजीत दास से मनोज जोशी पहले से संपर्क में रहा है। मनोज जोशी से एसटीएफ ने ये तथ्य जुटाए कि पेपर कहां-कहां बेचा गया।