बाहर गुर्राता रहा तेंदुआ, टेंट के भीतर दुबके रहे बच्चे
बच्चे घर से निकलकर पिनाकेश्वर के घने जंगलों के बीच पहुंच गए। घने जंगल के बीच एक लावारिस टैंट देख बच्चों ने अपनी सुरक्षा के लिए इसे ठिकाना बनाया। रात होते ही एक तेंदुआ टेंट के पास पहुंच गया। वह रात भर टेंट के बाहर गुर्राता रहा और बच्चे भीतर पड़ी पुरानी चारपाई के नीचे रहे। यदि तेंदुआ टेंट के भीतर प्रवेश करता तो बढ़ी घटना हो सकती थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों के लापता होने की सूचना पर टीम ने उनकी खोजबीन के लिए पिनाकेश्वर के जंगल में प्रवेश किया। जब टीम जंगल के काफी भीतर तक घुस गई तो उन्हें आसपास में तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई दी।
टीम तेंदुए के गुर्राने की आवाज को लक्ष्य मानकर अनहोनी की आशंका के साथ आगे बढ़ी। तभी टीम को जंगल के बीच एक टेंट नजर आया जिसके नजदीक ही तेंदुआ गुर्रा रहा था। टीम ने हौसला दिखाते हुए टेंट के भीतर प्रवेश किया तो चारों बच्चे यहां रखी एक पुरानी चारपाई के नीचे दुबके मिले। बच्चों को सुरक्षित देख टीम ने राहत महसूस की। बच्चों ने पुलिस टीम को बताया कि तेंदुआ पूरी रात टेंट के आसपास घूमता व गुर्राता रहा। उसके भय से वे बगैर आवाज किए चारपाई के नीचे दुबक गए और दहशत में रात बिताई।
नेपाल भागने की फिराक में थे बच्चे
पुलिस के मुताबिक तीनों बच्चे पड़ोसी बच्ची को साथ लेकर घर से निकले। सभी की नेपाल जाने की योजना थी लेकिन रास्ता भटकने से वे जंगल की तरफ चले गए। रात होने पर चारों जंगल के बीच लावारिस टेंट में घुस गए लेकिन बाहर तेंदुए के गुर्राने से वे वहां से निकल नहीं सके।
बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही टीमों का गठन किया गया। टीम ने सक्रियता से चारों को सुरक्षित बरामद किया है जो तारीफ के काबिल है। पूरी टीम को सम्मानित किया जाएगा।
- प्रदीप कुमार राय, एसएसपी, अल्मोड़ा।