बेटी को तीसरे दिन मिली पिता की मौत की सूचना
वैवाहिक कार्यक्रमों में किसी तरह का विघ्न न पड़े इसके लिए घर के मुखिया की मौत की सूचना दुल्हन समेत अन्य रिश्तेदारों को नहीं दी गई। दुल्हन की मां भी बेटी के विवाह में शामिल होने हल्द्वानी नहीं जा सकीं और अपने पति की सुरक्षित वापसी का इंतजार घर पर ही करती रही। मामा-मामी ने उसका कन्यादान किया। सोमवार सुबह विदाई के बाद सबको दुल्हन के पिता की मौत की सूचना मिली। दुल्हन को भी तीसरे दिन अपने पिता की मौत की जानकारी मिली और उसने रोते-बिलखते विदाई ली।
सोमवार को हुआ अंतिम संस्कार
बेस अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक चंद्रशेखर लोहनी की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। लेकिन उनके साथ आए लोगों ने बेटी के वैवाहिक कार्यक्रम को देखते हुए शव अस्पताल में ही रखने की बात कही। अस्पताल प्रबंधन ने सभी की मजबूरी देखते हुए शव दो दिनों के लिए मोर्चरी में रखा। सोमवार सुबह शव परिजनों को सौपा गया। इसके बाद विश्वनाथ श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही चंद्रशेखर लोहनी की मौत हो गई थी। बेटी के विवाह के चलते शव दो दिन तक मोर्चरी में रखा गया। सोमवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई।
- डॉ. अनिल पांडे, बेस अस्पताल, अल्मोड़ा।