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लापरवाही: उत्तराखंड में राजस्व क्षेत्र से मिट गए सुबूत, पुलिस भी नहीं खोल सकी 13 हत्याओं का राज

Sat, 01 Oct 2022 10:53 AM IST
अलका त्यागी रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून

सार

राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस की तरह संसाधन नहीं होते हैं। न तो साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रभावी व्यवस्था होती है और न ही इतना बड़ा मुखबिर तंत्र। आधुनिक वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने के तरीके भी राजस्व पुलिस के पास नहीं हैं। ऐसे में ज्यादातर जघन्य अपराधों की जांच कुछ दिनों बाद रेगुलर पुलिस को ही सौंप दी जाती है।
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क्राइम - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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अंकिता हत्याकांड की जांच समय से रेगुलर पुलिस को सौंप दी गई तो अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच गए। वरना, उत्तराखंड की पटवारी पुलिस व्यवस्था में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनके अपनों की हत्या हुई और हत्यारे आज तक पकड़ में नहीं आ सके। राजस्व पुलिस की लचर जांच के चलते तीन साल में 16 में से 13 मुकदमों में रेगुलर पुलिस को भी अंतिम रिपोर्ट लगानी पड़ी।

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राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस की तरह संसाधन नहीं होते हैं। न तो साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रभावी व्यवस्था होती है और न ही इतना बड़ा मुखबिर तंत्र। आधुनिक वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने के तरीके भी राजस्व पुलिस के पास नहीं हैं। ऐसे में ज्यादातर जघन्य अपराधों की जांच कुछ दिनों बाद रेगुलर पुलिस को ही सौंप दी जाती है। मगर, तब तक इतनी देर हो जाती है कि इसमें रेगुलर पुलिस के पास भी करने के लिए कुछ नहीं बचता।

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अधिकतर साक्ष्य मिट जाते हैं। अपराधी भाग जाते हैं। अंत में पुलिस के पास भी इन मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। तीन साल के आंकड़ों के अनुसार, राजस्व क्षेत्र में हुईं 16 हत्याओं का पटवारी खुलासा नहीं कर पाए तो इन्हें रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। कई महीनों तक जांच हुई मगर नतीजा सिफर ही रहा। पुलिस को 13 मुकदमों में सुबूतों के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगानी पड़ी। तीन मुकदमों की तफ्तीश जारी है।

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जिलावार मामले और उनकी स्थिति 

टिहरी : कंडीसौड़ में 28 मई 2020 को गोपाल हत्याकांड। 10 अगस्त को पुलिस के पास आई जांच। नौ महीने बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगाई। 

उत्तरकाशी 
- 28 फरवरी 2020 को न्यूसारी में दिनेश सिंह की हत्या। पांच मार्च को मुकदमा रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर। डेढ़ साल बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगाई। 
- 27 जुलाई 2020 : हिटाणू क्षेत्र में गुड्डू की हत्या। 11 अगस्त को मुकदमा पुलिस के पास आया और पांच महीने की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट। 

पौड़ी गढ़वाल 
- 18 अप्रैल 2020 यमकेश्वर में युवक की हत्या। छह जून को पुलिस ने जांच शुरू की और एक साल बाद अंतिम रिपोर्ट लगाई। 
- 18 अगस्त 2020 को मृत शिशु खेत में मिला। दो महीने बाद जांच पुलिस के पास आई और अगले साल जून में अंतिम रिपोर्ट लगी। 

देहरादून : 10 अगस्त 2021 को कनबुआ राजस्व क्षेत्र में युवक फंदे से लटका मिला। दो महीने बाद से रेगुलर पुलिस कर रही है जांच। 

नैनीताल : धारी क्षेत्र में 26 जनवरी 2020 को युवक की खाई में फेंककर हत्या। 29 अप्रैल को पुलिस के पास जांच आई। 2021 में अंतिम रिपोर्ट। 

पिथौरागढ़ 
- 23 अप्रैल 2019 को थरकोट क्षेत्र में महिला की हत्या। नौ मई 2019 को रेगुलर पुलिस ने जांच शुुरू की। सात महीने बाद अंतिम रिपोर्ट। 
- 30 दिसंबर 2020 पत्थखानी में बुजुर्ग की हत्या। छह अप्रैल 2021 को रेगुलर पुलिस के पास जांच आई। छह महीने बाद अंतिम रिपोर्ट लगी। 
- 15 जुलाई 2021 को पट्टी ग्वाड़ी में व्यक्ति का शव मिला। 28 जुलाई को जांच पुलिस के पास आई। पांच महीने में अंतिम रिपोर्ट लगाई।
- नौ अप्रैल 2021 को पट्टी चौड़मन्या में दंपती और बेटी की हत्या। 19 अप्रैैल को जांच रेगुलर पुलिस के पास आई। छह महीने बाद अंतिम रिपोर्ट लगी। 

अल्मोड़ा 
- 28 अक्तूबर 2020 को पट्टी लीलम में व्यक्ति की हत्या। 26 मार्च 2021 को रेगुलर पुलिस ने जांच शुरू की और पांच महीने बाद अंतिम रिपोर्ट लगी। 
- आठ जून 2020 को रापड़ क्षेत्र में युवती का शव पेड़ से लटका मिला। 18 अगस्त 2020 से रेगुलर पुलिस जांच कर रही है। 
- 10 अगस्त 2020 को कोटश्यारी में युवक की हत्या। 26 अगस्त 2020 को पुलिस ने जांच शुरू की। सात महीने बाद अंतिम रिपोर्ट। 
- एक जून 2021 को शीतलाखेत में हत्या कर युवक का शव जंगल में फेंका। पुलिस विवेचना कर रही है। 
- 18 जून 2021 को कुमालेश्वर में व्यक्ति की हत्या। 14 जुलाई 2021 को रेगुलर पुलिस ने जांच शुरू की। छह महीने बाद अंतिम रिपोर्ट लगी।  
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