मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए रहस्य
लाटू मंदिर की खास बात यह है कि मंदिर के अंदर पुजारी आंख पर पट्टी बांधकर पूजा करते हैं। यह मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए रहस्य बना है। मंदिर के अंदर क्या है, किसी को पता नहीं है। माना जाता है कि मंदिर में तेज चमक है ऐसे में आंखों की सुरक्षा की वजह से पट्टी बांधकर जाया जाता है। यहां मंदिर से करीब दस मीटर दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। वाण के ग्रामीण लाटू देवता को लोग अपने इष्ट के रूप में पूजते हैं।
डोली में नहीं बैठती वाण की दुल्हन
वाण गांव की एक और विशेष परंपरा है। यहां दुल्हन डोली में नहीं बैठती है। वाण के हीरा पहाड़ी ने बताया कि यह मां नंदा की भूमि है। यहां से मां नंदा को डोली से कैलाश के लिए विदा किया जाता है। इसलिए दुल्हन डोली में नहीं बैठती है।