ब्लैक फंगस का घातक संक्रमण लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। परेशानी की बात यह है कि ब्लैक फंगस इंफेक्शन के इलाज में इस्तेमाल किया जाने वाला इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी लाइपोसोमल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों की पीड़ा बढ़ रही है।
देहरादून जिले की बात करें तो विभिन्न अस्पतालों में ब्लैक फंगस के तमाम मरीज भर्ती हैं। वह रोज लाइपोसोमल इंजेक्शन के लिए सीएमओ दफ्तर से लेकर तमाम अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर तरफ से मायूसी मिल रही है। ऐसे एक दो नहीं कई उदाहरण हैं, सब की एक ही मांग है कि आखिर कब सरकार इन जीवन रक्षक इंजेक्शन की उपलब्धता कराएगी।
स्वास्थ्य विभाग के पास जो इंजेक्शन हैं वह सस्ते वाले हैं। वहीं, इंजेक्शन विभाग ने फंगस इंफेक्शन के इलाज करने वाले अस्पतालों को मुहैया कराए हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह इंजेक्शन डायबिटीज, किडनी और उससे संबंधित अन्य रोगों से पहले से ही पीड़ित मरीजों के लिए घातक सिद्ध हो रहा है।
इससे मरीज की हालत बिगड़ सकती है और वह जानलेवा भी साबित हो सकता है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि लिपोसोमल इंजेक्शन के लिए डिमांड भेजी गई है। बहुत जल्द यह इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएंगे और अस्पतालों को भेज दिए जाएंगे।
केस एक : लक्सर निवासी 43 वर्षीय मरीज का पिछले 20 दिन से हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में ब्लैक फंगस इंफेक्शन का उपचार चल रहा है। उनकी तीन-चार छोटी-छोटी सर्जरी होने के बाद एक बड़ा ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन एम्फोटेरिसिन-बी लाइपोसोमल इंजेक्शन न मिलने के कारण उनके परिजन परेशान हैं।
केस दो : डीएवी पीजी कॉलेज में लैब कर्मचारी की पत्नी पिछले कई दिन से श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती हैं। वह ब्लैक फंगस इंफेक्शन से पीड़ित हैं। उन्हें लाइपोसोमल इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन इंजेक्शन मिल नहीं पा रहे हैं। इससे वह और पूरा परिवार चिंतित है।