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उत्तराखंड: 2050 तक की आवास जरूरतों के हिसाब से बनेगी कार्ययोजना,  स्थानीय भवन तकनीकी को मिलेगा बढ़ावा

Fri, 30 Jan 2026 02:29 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

पहाड़ों में स्थानीय भवन तकनीकी और पारंपरिक निर्माण सामग्री को बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखंड की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 2047 के विकसित भारत लक्ष्य और 2050 तक की आवासीय जरूरतों के लिए एक समग्र एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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सचिव आवास डॉ.आर राजेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सचिव आवास डॉ.आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2047 के विकसित भारत लक्ष्य और 2050 तक की आवासीय जरूरतों के हिसाब से कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

सचिव ने बृहस्पतिवार को हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) के सहयोग से संचालित योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि उत्तराखंड की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 2047 के विकसित भारत लक्ष्य और 2050 तक की आवासीय जरूरतों के लिए एक समग्र एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुनियोजित निर्माण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और भविष्य के नए नगरों की परिकल्पना शामिल होगी।

हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख एवं राज्य प्रभारी संजय भार्गव ने राज्य सरकार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में नए शहरों और टाउनशिप के विकास, भूमि अधिग्रहण, मास्टर प्लानिंग और वित्तीय सहयोग में हुडको अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का पूरा लाभ राज्य को देगा। देश के विभिन्न राज्यों में नए नगर बसाने के अनुभव को उत्तराखंड में भी लागू किया जाएगा। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आवासीय योजनाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भी सुनियोजित ढंग से लागू हों। इससे पलायन की समस्या को कम करने, स्थानीय रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती मिलेगी।

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पहाड़ों में स्थानीय तकनीकी को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड के 10 पर्वतीय जिलों में स्थानीय भवन तकनीक और पारंपरिक निर्माण सामग्री के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया है। इससे जहां निर्माण लागत कम होगी वहीं राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। भवन स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और सस्ते आवास निर्माण के लिए नवाचारों को अपनाने पर सहमति बनी। बैठक में जानकारी दी गई कि हुडको देहरादून द्वारा राज्य में अब तक 1543.34 करोड़ रुपये की ऋण राशि वाली 115 आवासीय एवं शहरी विकास योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।

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