100 करोड़ रुपये बचाए पुलिस ने
डीजीपी ने बताया कि इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लोगों के 100 करोड़ रुपये से अधिक बचा लिए हैं। इनमें बहुत सा पैसा साइबर ठगों के खातों में फ्रीज कराया गया है। जबकि, अच्छी खासी रकम वित्तीय साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों को वापस दिलाई गई है।
गाजियाबाद बना इंश्योरेंस फ्रॉड करने वालों का गढ़
डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि अब तक ठगी को अंजाम देने वाले राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर मेवात और झारखंड के जामताड़ा इलाके के होते थे। लेकिन, इंश्योरेंस फ्रॉड के लिए अब गाजियाबाद का नाम सामने आया है। यह गिरोह बीते छह-सात सालों से बीमा पॉलिसी में लाभ दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा है। इनके गैंग लीडर अजीत राठी को पिछले दिनों एसटीएफ गिरफ्तार कर चुकी है। जब इस गिरोह की कुंडली खंगाली गई तो पता चला कि सदस्यों के खिलाफ देशभर के लोगों ने 1400 शिकायतें की हैं। इनके आधार पर गिरोह के खिलाफ 72 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें तेलंगाना में 32, उत्तर प्रदेश में 13, तमिलनाडु में सात, दिल्ली में पांच और हरियाणा में चार मुकदमे दर्ज हैं।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी में हुए अब तक 113 मुकदमे
चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों में कार्रवाई करने वालों में उत्तराखंड पुलिस अग्रणी राज्यों में शामिल हुई है। अब तक उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में 113 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस साल ही 49 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जल्द ही 38 शिकायतों की जांच कर मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। डीजीपी ने बताया कि आईटी एक्ट की धारा 67 बी के तहत यह अपराध गैर जमानती है।
इन राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
उत्तराखंड- 05
उत्तर प्रदेश- 56
तेलंगाना- 112
दिल्ली- 18
गुजरात- 11
तमिलनाडु- 15
हरियाणा- 09
बिहार- 08
कर्नाटक- 08
महाराष्ट्र 07