एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे दंपती डाक्टर के पास से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान मुजम्मिल ने बेटी को फोन करके नाराजगी खत्म करने की बात कहते हुए पति के साथ घर आने को कहा।
राशिद पत्नी को लेकर ससुराल पहुंचता इससे पहले ही घर से करीब 50 कदम की दूरी पर दोनों को गोली मार दी गई। गोली 315 बोर के तमंचों से मारी गई है। सूचना पर एएसपी राजेश भट्ट, सीओ मनोज ठाकुर, प्रभारी कोतवाल सतीश कापड़ी समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मौके से दो खोखे बरामद किए हैं।
शादीशुदा महिला की मौत के मामले में पुलिस ने महिला के भाई की तहरीर पर महिला के पति समेत ससुराल पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ गैर इरादन हत्या और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
तहरीर में महताब पुत्र मीर हसन निवासी धर्मावाला सहसपुर ने कहा कि मई 2016 में उसकी बहन का विवाह सद्दाम पुत्र स्व. हाशिम निवासी सिंघनीवाला सहसपुर के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही सद्दाम, सास हनीफा, जेठ रिजवान, देवर फरमान, आजाद, जेठानी आईशा, ननद सुल्ताना पत्नी जाकिर और सद्दाम के मामा नवाब पुत्र कासिम निवासी ढकरानी ने उसे दहेज लाने के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। उसके साथ मारपीट की जाने लगी।
इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। बीते 23 अगस्त को मेहराज के ससुराल वालों ने फोन कर उन्हें जानकारी दी की उसकी बीते 22 अगस्त को मौत हो चुकी है। थानाध्यक्ष नरेंद्र गहलावत ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।