चीख पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने मुश्किल से मलबे में दबी वर्षा देवी को बाहर निकाला और फिर बच्ची मिष्ठी को निकालने का प्रयास किया, लेकिन जब तक वे मलबा हटाते तीन साल की मिष्ठी दम तोड़ चुकी थी।
ग्रामीण घायल वर्षा देवी को उपचार के लिए पीएचसी नारायणबगड़ ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सूचना पर नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव, पटवारी राजेश्वरी रावत, पुलिस चौकी प्रभारी विनोद चौरसिया, कांस्टेबल उमेश डोभाल व संतोष मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।