फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः अपर परिवहन आयुक्त का कनिष्ठ लिपिक रिश्वत में गिरफ्तार, रंगे हाथों पकड़ा

Sat, 16 Nov 2019 05:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • प्रदूषण जांच केन्द्र का प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर मांगी थी 10 हजार की रिश्वत
  • विजिलेंस ने अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय से आरोपी को 
विज्ञापन
आरोपी कनिष्ठ लिपिक विपिन कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विजिलेंस ने काशीपुर में प्रदूषण जांच केन्द्र का प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में अपर परिवहन आयुक्त के कनिष्ठ लिपिक विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने लिपिक के एकता विहार स्थित आवास की भी तलाशी ली। आरोपी को रविवार को विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

विज्ञापन


विजिलेंस के पुलिस उप महानिरीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि काशीपुर निवासी एक शख्स ने शुक्रवार को मुख्यालय पर एसपी सतर्कता को शिकायती प्रार्थना देकर बताया कि उसके द्वारा 30 सितंबर को पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रदूषण जांच केन्द्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था।

संभागीय परिवहन अधिकारी हल्द्वानी ने प्रदूषण केन्द्र का भौतिक सत्यापन करने के बाद रिपोर्ट अपर परिवहन आयुक्त देहरादून को अग्रिम कार्रवाई को भेज दी थी। 15 नवंबर को अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय देहरादून पहुंचकर कनिष्ठ सहायक विपिन कुमार निवासी मौहल्ला नत्था सिंह, महाराणा प्रताप कालोनी जसपुर उधमसिंह नगर से संपर्क किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

डीआईजी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की

आरोप है कि कनिष्ठ लिपिक ने विपिन कुमार द्वारा प्रमाण पत्र शुल्क के अतिरिक्त 15000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आर्थिक परिस्थिति का हवाला देकर कुछ रकम कम करने को कहा। आरोपी ने 10 हजार से कम रिश्वत लेने से मना कर दिया। कनिष्ठ लिपिक ने उस शख्स को आज  कम लेकर बुलाया।

डीआईजी विजिलेंस के मुताबिक पुलिस अधीक्षक सतर्कता ने शिकायत को गंभीरता से लेकर गोपनीय जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद नियमानुसार ट्रैप टीम का गठन किया गया। विजिलेंस टीम नेआज अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय में अपना जाल फैला दिया। पीड़ित ने दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय में पहुंचकर आरोपी कनिष्ठ लिपिक को 10 हजार रुपये थमा दिए।

विजिलेंस टीम ने आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। विजिलेंस टीम ने आरोपी लिपिक के एकता विहार स्थित आवास को भी सर्च किया। डीआईजी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें