आरोप है कि कनिष्ठ लिपिक ने विपिन कुमार द्वारा प्रमाण पत्र शुल्क के अतिरिक्त 15000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आर्थिक परिस्थिति का हवाला देकर कुछ रकम कम करने को कहा। आरोपी ने 10 हजार से कम रिश्वत लेने से मना कर दिया। कनिष्ठ लिपिक ने उस शख्स को आज कम लेकर बुलाया।
डीआईजी विजिलेंस के मुताबिक पुलिस अधीक्षक सतर्कता ने शिकायत को गंभीरता से लेकर गोपनीय जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद नियमानुसार ट्रैप टीम का गठन किया गया। विजिलेंस टीम नेआज अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय में अपना जाल फैला दिया। पीड़ित ने दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय में पहुंचकर आरोपी कनिष्ठ लिपिक को 10 हजार रुपये थमा दिए।
विजिलेंस टीम ने आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। विजिलेंस टीम ने आरोपी लिपिक के एकता विहार स्थित आवास को भी सर्च किया। डीआईजी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।