याचिका में मांगें
- अंकिता के रिश्ते के चाचा आशुतोष नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि पुलिस व एसआईटी इस मामले के महत्वपूर्ण सबूतों को छुपा रही है।
- एसआईटी की ओर से अभी तक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
- जिस दिन शव बरामद हुआ था उसी दिन शाम को उनके परिजनों की मौजूदगी के बिना अंकिता का कमरा तोड़ दिया गया।
- पुलिस ने बिना किसी महिलाडॉक्टर की मौजूदगी में उसका मेडिकल कराया गया जो सर्वोच्च न्यायलय के आदेश के विरुद्ध है।
- जिस दिन अंकिता की हत्या हुई थी उस दिन छह बजे पुलकित उसके कमरे में मौजूद था और अंकिता रो रही थी।
- याचिका में यह भी कहा गया कि दुराचार को पुलिस नहीं मान रही है। पुलिस इस केस में लीपापोती कर रही है इसलिए इस केस की जांच सीबीआई से कराई जाए।
ये था मामला
पौड़ी जिले के यमकेश्वर में वनंत्रा रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी (19) रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्य करती थी। 18 की रात वह अचानक लापता हो गई तो उसकी तलाश शुरू हुई। अंकिता की गुमशुदगी के मामले में 23 सितंबर को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात स्वीकारी। आरोपियों की निशानदेही पर ही अंकिता का शव 24 सिंतबर को एक नहर से बरामद किया गया था।