कैंपा फंड के तहत स्वीकृत किए गए 2675 करोड़ रुपये राज्य के खजाने में सोमवार को पहुंच गए। इस पैसे का उपयोग प्रदेश सरकार पुनर्वास से लेकर अन्य अनुमन्य कार्यों में करेगी। कुछ दिन पहले ही दिल्ली में वन मंत्रियों के सम्मेलन में केंद्रीय वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैंपा फंड के तहत 2675 करोड़ रुपये की लंबित धनराशि का चेक प्रदेश के वन मंत्री हरक सिंह को सौंपा था। केंद्र सरकार ने यह धनराशि सोमवार को राज्य के खजाने में पहुंच गई।
पैसा खाते में आने की पुष्टि वित्त विभाग ने की है। वन मंत्री हरक सिंह के मुताबिक इस धनराशि का उपयोग आरक्षित और संरक्षित क्षेत्रों में रहने वाले लोगाें के पुनर्वास सहित अन्य कार्यों में किया जाएगा। राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए कैंपा की धनराशि मिलने से वित्त विभाग खासी राहत महसूस कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस धनराशि का उपयोग कैं पा फंड के अधीन ही किया जाना है। अब इस फंड का उपयोग किस तरह से किया जाएगा इसके लिए वन मंत्रालय भी माथापच्ची में जुटा हुआ है।