फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Champawat: प्रदेश के पहले बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ, सीएम ने कहा- तकनीक के साथ हमारे बच्चे भी बढ़े आगे

Sat, 19 Nov 2022 02:26 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य के छह सीमांत जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ के 250 स्कूली बच्चे पिछले कुछ हफ्तों में चयनित हुए हैं, जो इस बाल विज्ञान महोत्सव में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महोत्सव का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश के सीमांत, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने के लिए उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) ने शनिवार से प्रथम राज्य स्तरीय सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव शुरू किया। इसमें छह सीमांत जिलों के 250 स्कूली बच्चे शामिल हुए।

विज्ञापन


यूकॉस्ट की ओर से चंपावत के जवाहर नवोदय विद्यालय में 19 व 20 को विज्ञान महोत्सव होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि देश और दुनिया की तकनीक के साथ हमारे राज्य के बच्चे आगे बढ़ें। आज ज्ञान विज्ञान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि ऐसा कोई काम नहीं जो ज्ञान विज्ञान के बिना संभव हो।

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य के छह सीमांत जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ के 250 स्कूली बच्चे पिछले कुछ हफ्तों में चयनित हुए हैं, जो इस बाल विज्ञान महोत्सव में शामिल हो रहे हैं।
विज्ञापन


छात्रों को पारंपरिक ज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाने का उद्देश्य
दो दिवसीय महोत्सव का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ विद्यालयों के छात्रों को पारंपरिक ज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच का विकास करना और आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का राज्य में वृहद लोकव्यापीकरण करना है। 

इसके बाद 20 नवंबर को राज्यपाल ले. जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह समापन समारोह में शामिल होंगे। यूकॉस्ट के प्रबंधक जनसंपर्क अमित पोखरियाल ने बताया कि इस अनोखे बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभागियों को विज्ञान प्रदर्शनी, वैज्ञानिक कार्यशाला, दूरबीन के माध्यम से आकाश अवलोकन, तारामंडल शो, विज्ञान फिल्म शो आदि के माध्यम से आमंत्रित वैज्ञानिकों के साथ चर्चा करने, उनके व्याख्यान सुनकर उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर भी मिलेगा। 

ये भी पढ़ें...Chamoli Accident: कड़ाके की ठंड में भी जवानों के छूटे पसीने, शवों को खाई से निकालना हुआ मुश्किल, तस्वीरें

महोत्सव में जूनियर वर्ग कक्षा छह से आठवीं और एवं सीनियर वर्ग कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता (स्थानीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली), नाटक (पर्यावरण संरक्षण जागरुकता) विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन (हिंदी एवं स्थानीय भाषा), कविता पाठन अंग्रेजी का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और चिंतक इस महोत्सव में शामिल हो रहे हैं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें