उत्तराखंड के चमोली जिले में नारायणबगड़ के हरमनी-पेनगढ झूलापुल के रास्ते में गुलदारों के आपसी संघर्ष में एक मादा गुलदार की मौत हो गई। वन विभाग की ओर से गुलदार के शव का बुधवार को पोस्टमार्टम करने के बाद जलाकर नष्ट कर दिया गया।
विभाग के अधिकारियों ने गुलदार की मौत का कारण आपसी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल होना बताया। मंगलवार देर शाम ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को गुलदार का शव दिखने की सूचना दी। जिस पर बदरीनाथ वन प्रभाग के पश्चिमी पिंडर रेंज नारायणबगड़ के वन दरोगा तूलाराम सती व बलवीर लाल मौके पर पहुंचे।
जहां उन्हें हरमनी-पेनगढ झूलापुल के निकट एक मादा गुलदार मृत मिली। बुधवार को रेंज कार्यालय परिसर में गुलदार के शव का पोस्टमार्टम किया। वन क्षेत्राधिकारी बीएस परमार, अलकनंदा वनप्रभाग असेड-सिमली के वनक्षेत्राधिकारी हरीश थपलियाल, वनदरोगा मोहन प्रसाद, शिव सिंह व अन्य लोगों की मौजूदगी में गुलदार के शव को जलाकर नष्ट कर दिया गया।
जेएस मनराल, संजय कंडारी, धर्म सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार की धमक से लोग शाम होते ही घरों के भीतर दुबकने को मजबूर हैं।