दिल्ली से जोशीमठ घूमने पहुंचे दंपती पर्यटक विष्णुप्रयाग में अलकनंदा और धौली गंगा के संगम पर फंस गए। जब उन्हें निकलने का कहीं से रास्ता नहीं मिला तो नदी के दूसरे छोर पर स्थित दुकान स्वामी ने थाना जोशीमठ पुलिस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों पर्यटकों को सुरक्षित निकाल दिया।
Rishikesh-Badrinath Highway: कर्णप्रयाग के पास चट्टान दरकने से बाइक सवार दबा, वाहनों की आवजाही रोकी
बुधवार को दिल्ली के पर्यटक अमित और दीपिका (पति-पत्नी) जोशीमठ घूमने पहुंचे थे। दोपहर में नृसिंह मंदिर के दर्शन करने के बाद वे अपराह्न तीन बजे मंदिर से विष्णुप्रयाग के पैदल रास्ते की ओर चल दिए। वर्ष 2013 की आपदा के बाद से यह रास्ता क्षतिग्रस्त पड़ा है। यहां धौली गंगा पर निर्मित पुल भी आपदा से क्षतिग्रस्त पड़ा है जिससे दोनों पर्यटकों को आगे जाने का रास्ता नहीं मिल सका। वे चट्टानी भाग से होते हुए अलकनंदा और धौली गंगा के संगम पर पहुंच गए और यहां फंस गए। नदी के दूसरे छोर पर स्थित दुकान स्वामी नवीन सकलानी ने पर्यटकों के फंसने की सूचना जोशीमठ थाना पुलिस को दी।
सब इंस्पेक्टर जगमोहन के नेतृत्व में एसडीआरएफ की नौ सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। नदी के दोनों ओर रस्सी के सहारे रेस्क्यू अभियान चलाया गया। एसडीआरएफ के जवान विकास गुसाईं नदी पार कर दूसरी छोर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक-एक कर दोनों पर्यटकों को सुरक्षित बदरीनाथ हाईवे की ओर लाया गया। यहां से दोनों को जोशीमठ ले जाया गया और वे यहां से होटल में चले गए।