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चमोली आपदा : एनडीआरएफ की मदद के लिए ड्रोन की तैनाती, तपोवन सुरंग में 35 लोग अब भी लापता

Sat, 13 Feb 2021 03:11 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ

खास बातें

ऋषिगंगा आपदा में अभी तक 38 शव बरामद हो चुके हैं। 166 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं ऋषिगंगा के मुहाने पर झील बनने से एक बार फिर क्षेत्र में बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। शासन ने वाडिया, टीएचडीसी, एनटीपीसी और आईआईआरएस को जांच करने का आदेश दिया है। पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
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चमोली में ड्रोन - फोटो : ANI
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लाइव अपडेट

03:09 AM, 13-Feb-2021
चमोली में चल रहे बचाव कार्यों में एनडीआरएफ टीम की मदद के लिए ड्रोन - फोटो : ANI

चेन्नई की गरुड़ एयरोस्पेस ने चमोली में चल रहे बचाव कार्यों में एनडीआरएफ टीम की मदद के लिए ड्रोन की तैनाती कर दी है। गरुड़ के मुख्य कार्यकारी सैम कुमार ने बताया कि आपदा के समय साथ में काम करने के लिए एनडीआरएफ टीम ने हमारा चयन किया है। हमने पहले भी ड्रोन भेजे थे। टिड्डियों के आतंक पर काबू पाने के लिए भी हमने यूपी और राजस्थान में ड्रोन भेजे थे। उत्तराखंड में हमने चार तरह के ड्रोन भेजे हैं। आपको बता दें कि तपोवन सुरंग में फंसे 35 लोग अब भी लापता हैं। उनकी तलाश जारी हैॉ। 

09:32 PM, 12-Feb-2021

सुरंग में खोज का काम अब एनडीआरएफ के हवाले

प्रशासन ने शुक्रवार को सुरंग के बारह से आईटीबीपी व सेना की रेस्क्यू टीमों को भी हटाकर रिजर्व में रख दिया है। वहीं, ऋषि गंगा के मुहाने पर बनी झील का निरीक्षण करने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी गई है। 

08:19 PM, 12-Feb-2021

ऋषिगंगा में बनी झील से होने लगा रिसाव

ऋषिगंगा के मुहाने पर बनी झील से पानी का रिसाव होने लगा है। जिससे बड़ा खतरा टल गया है। गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन ने बताया कि झील का निरीक्षण करने के लिए डीआरडीओ और भारत सरकार के आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर भेजी गई है। टीम का इनपुट आने के बाद ही कुछ कहा जासकता है। झील के जो फोटोग्राफ मिल रहे हैं, उसमें पानी का रिसाव हो रहा है, जो शुभ संकेत है।

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08:05 PM, 12-Feb-2021

कंट्रोल रूम के नंबर जारी

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है । 0135-2712685 और 9411112985 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। लोग चमोली जिले में नियंत्रण कक्ष में 01372-251487 और 9084127503 नंबरों पर कॉल कर सकते हैं। 

06:32 PM, 12-Feb-2021

तपोवन सुरंग में फिर ड्रिल कर की जा रही लापता लोगों की खोज 

तपोवन परियोजना की सुरंग में शुक्रवार को एक बार फिर मलबा हटाने का कार्य रोककर ड्रिल करने का कार्य हुआ। दिनभर एनटीपीसी और एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम सुरंग में ड्रिल करती रही।

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04:40 PM, 12-Feb-2021

रैणी गांव में खोज बीन के दौरान एक और शव मिला है। चमोली जिला प्रशासन के अनुसार अब तक  38 लोगों के शव मिल चुके है। वहीं, 166 लोगों की तलाश जारी है। 

03:59 PM, 12-Feb-2021

जिला प्रशासन ने अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी और तहसीलदार के नेतृत्व मे टीम बनाई है, जो फोटो के आधार पर और स्थानीय लोगों की मदद से लापता लोगों की तलाश में जुटी है। जहां भी लोगों के दबे होने की संभावना है। वहां एनडीआरएफ और कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

 

03:41 PM, 12-Feb-2021

ऋषिगंगा की आपदा ने जानवरों को भी दिए जख्म

ऋषिगंगा में आई आपदा ने इंसानों के साथ ही जानवर भी इससे अछूते नहीं रहे। यहां एक फीमेल डॉग सात फरवरी से लगातार ऋषिगंगा को निहार रही है। उसे बिस्किट या कुछ और खाने को दो तो वह नहीं खा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सात फरवरी को आई बाढ़ में इस फीमेल डॉग के बच्चे भी बह गए। साथ ही ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी इसे खाना देते थे, वह भी इसमें बह गए। उस दिन से यह फीमेल डॉग उदास है। वह रोज सुबह आकर एक जगह पर बैठकर नदी को निहारती है। कई लोगों ने उसे खाना देने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खाती है।

03:27 PM, 12-Feb-2021

पिथौरागढ़ के तल्ला जोहार के सात मजदूर सुरक्षित

चमोली जिले में ऋषिगंगा में आई जल प्रलय के दौरान वहां काम करने वाले पिथौरागढ़ के तल्ला जोहार के सात मजदूर सुरक्षित हैं। उन्होंने को अपनी सलामती का वीडियो तल्ला जोहार कल्याण संस्था को भेजकर मदद की गुहार लगाई है।

02:51 PM, 12-Feb-2021

400 मीटर एरिया में बनी है झील, मौके पर भेजी गई टीम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि राज्य सरकार को झील की जानकारी है। प्राथमिक रूप से जानकारी मिली है कि 400 मीटर एरिया में झील बनी है व टीम मौके पर गई है।

02:45 PM, 12-Feb-2021

बैराज साइड में दबे हुए शवों को निकालने का कार्य अभी तक नहीं हुआ शुरू

बैराज साइड में दबे हुए शवों को निकालने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसे लेकर भी परिजनों में भारी आक्रोश बना हुआ है। तपोवन निवासी बसंती देवी डोभाल और शकुंतला देवी का कहना है कि आपदा के पांच दिन बाद भी उनके परिजनों का कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों की आंखों मे आंसू और गुस्सा हैं।

वहीं इस आपदा में दो भाईयों को खो चुके रविन्द्र थपलियाल का कहना है कि बैराज साइड में अभी तक शवों को निकालने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बैराज साइड में कई स्थानों पर खून के निशान भी नजर आ रहे हैं, लेकिन अभी तक इस स्थान पर शवों को निकालने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 

02:38 PM, 12-Feb-2021

आपदा प्रभावितों ने किया जमकर हंगामा, एनटीपीसी के जीएम को घेरा

ऋषि गंगा नदी में आये शैलाब के छठवें दिन भी टनल के अंदर फंसे लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। जिसके चलते परिजनों ने घटना स्थल पर जाकर जमकर हंगामा काटा। लोगों का आरोप है कि घटना के पांच दिन बाद भी अभी तक गुमशुदा लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। यहां पहुंचे परिजनों ने एनटीपीसी व प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहीर की। इस दौरान गुस्साए लोगों ने एनटीपीसी के जीएम को घेर लिया।

02:21 PM, 12-Feb-2021

झील का अध्ययन करने के लिए भेजे जाएंगे एयरड्रॉप किए जाएंगे विशेषज्ञ

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि हमें रैणी गांव के पास एक झील बनने के बारे में जानकारी है। हमें सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं। हम समीक्षा के लिए विशेषज्ञों को एयरड्रॉप करने की योजना बना रहे हैं।
 

02:06 PM, 12-Feb-2021

राशन और आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने का काम जारी

सात फरवरी की घटना के बाद से सूकी, लता और भलगौन गांवों में राशन और आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने का काम जारी है।
 

 

01:48 PM, 12-Feb-2021

आपदा से कट चुके गांवों में पहुंचाई जा रही रसद

चमोली में ग्लेशियर टूटने से आई आपदा से कट चुके गांव सुकी, लता और भलगांव में हेलीकॉप्टर से राशन और आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं।
 

01:43 PM, 12-Feb-2021

सैलाब ने छीन लिया रीना का संसार, थम नहीं रहे आंसू

ऋषिगंगा में आई आपदा ने रीना देवी का संसार ही उजाड़ दिया है। तपोवन परियोजना में रीना देवी के पति नरेंद्र कुमार काम करते थे, जो आपदा के बाद से लापता हैं। तब से रीना देवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिजन उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। क्षेत्र में ऐसे कई परिवार हैं जहां मातम और सन्नाटा है। रीना देवी के तीन बच्चे हैं, 14 साल की ओम प्रिया, 12 साल का ओम प्रियांशु और 10 साल का ओम दिव्यांशु हैं।

01:17 PM, 12-Feb-2021

मैठाणा गांव के पास नदी किनारे से एक शव बरामद, अब तक 37 शव मिले

शुक्रवार को चमोली जिले के मैणाणा गांव के पास नदी किनारे एक शव बरामद किया गया है। अब तक कुल 37 शव बरामद किए गए हैं। वहीं 167 लोग अभी भी लापता हैं।
 

01:06 PM, 12-Feb-2021

एनटीपीसी के तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना की सुरंग के नक्शा के अनुसार, नदी की साइड से 180 मीटर तक सुरंग बनी हुई है। सुरंग के एसएफटी प्वाइंट के दूसरे छोर से 90 मीटर की घुमावदार सुरंग है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 90 मीटर की इसी सुरंग में लोग फंसे हो सकते हैं। 

एसएफटी टनल के बाहर से चार अन्य टनल भी जुड़ रही हैं और इनमें भी मलबा भरा हुआ है। यहां से पानी और मलबा रह-रहकर रिस रहा है। नक्शे में दिखाया गया है कि 90 मीटर घुमावदार सुरंग के समीप ही 34 लोग काम कर रहे थे, जबकि एडिट एचआरटी सुरंग के दूसरे छोर पर तीन लोग काम कर रहे थे।

12:52 PM, 12-Feb-2021

सेना की इंजीनिरिंग कोर ने भगुयल जाने के लिए बनाई अस्थायी ट्रॉली

सेना की इंजीनिरिंग कोर ने भगुयल जाने के लिए अस्थायी ट्रॉली बना दी है। जिसके बाद आपदा के कारण यहां फंसे लोगों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार को अब तक 60 लोग ट्रॉली से आवाजाही कर चुके हैं। मेजर उत्कर्ष ने बताया कि एक दिन के अंदर इस ट्रॉली को तैयार किया गया है।

12:16 PM, 12-Feb-2021

तपोवन बैराज साइट पर सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों का हंगामा

सात फरवरी को आपदा आने के बाद सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों के सब्र का बांध अब टूट रहा है। शुक्रवार को सुरंग में फंसे लोगों को परिजनों ने एनटीपीसी, सरकार और नेताओं के खिलाफ रोष प्रकट किया। उन्होंने हंगामा कर दिया और जल्दी रेस्क्यू कर परिजनों को निकालने की मांग की। तनाव बढ़ता देख टनल साइट पर पुलिस बल तैनात कर दिया है।

11:48 AM, 12-Feb-2021

आठ सदस्यीय एसडीआरएफ टीम को झील का आकलन करने के लिए भेजा

डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि संभावना है कि तपोवन क्षेत्र के पास रैणी गांव के ऊपर पानी जमा हो रहा है। कई हवाई सर्वे किए गए हैं। आज आठ सदस्यीय एसडीआरएफ टीम को स्थिति का आकलन करने के लिए भेजा गया है। आकलन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 

11:38 AM, 12-Feb-2021

झील का मुआयना करने भेजी गई एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम

उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि रैणी गांव के ऊपरी इलाके में झील बनने की सूचना पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम भेजी गई है। आज, हम एक छोटी सुरंग में प्रवेश करने का प्रयास करेंगे, जो मौजूदा सुरंग से 12 मीटर नीचे है। वहां कुल लोगों के होने की संभावना है। लापता 204 व्यक्तियों में से 36 शव बरामद कर लिए गए हैं। 168 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य चल रहा है।
 

11:17 AM, 12-Feb-2021

हरीश रावत ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, चमोली आपदा को लेकर की चर्चा

आपदा मामले में शुक्रवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में मुलाकात की गई। इस दौरान जलवायु परिवर्तन से हिमालयी क्षेत्रों में आ रहे बदलाव पर चर्चा की गई।

11:03 AM, 12-Feb-2021

जलप्रलय में लापता लोगों की तलाश जारी

ऋषिगंगा जलप्रलय में लापता लोगों की तलाश जारी है। नौ सेना कमांडो, जल पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील खंगाल रही है। एसडीएम रविंद्र बिष्ट ने बताया कि अलकनंदा नदी में गाद काफी है। इससे खोज अभियान में दिक्कत हो रही है। झील के बैराज से मृत जानवर, कबाड़ और गाद बहाने के लिए झील से पानी छोड़ना पड़ा।

10:52 AM, 12-Feb-2021

आपदा प्रभावित नीती घाटी में बनी झील, वीडियो...

उत्तराखंड में आपदा प्रभावित चमोली जिले की नीती घाटी में झील बन गई है। शासन ने वाडिया, टीएचडीसी, एनटीपीसी और आईआईआरएस को जांच करने का आदेश दिया है। वीडियो में देखें...

10:18 AM, 12-Feb-2021

आईटीबीपी का 36 सदस्यीय दल रेस्क्यू अभियान में जुटा

जलप्रलय के बाद खोज एवं राहत बचाव कार्य में अब आईटीबीपी भी शामिल हो गई है। गौचर से 36 सदस्यीय दल अलकनंदा नदी किनारे लापता लोगों की खोज में रेस्क्यू कार्य कर रहा है। बीते 7 फरवरी को ऋषिगंगा में हुई तबाही के बाद एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है।

10:11 AM, 12-Feb-2021

जुवाग्वाड़ गांव के 184 पशु लापता

ऋषिगंगा की आपदा में जनहानि के साथ ही पशु हानि भी भारी मात्रा में हुई है। ग्रामीण इलाकों में पशुपालन आजीविका का बड़ा साधन है। ऐसे में जिन लोगों के पशु बह गए हैं वह लोग भी काफी परेशान हैं। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार जुवाग्वाड़ गांव के कई परिवारों की करीब 180 बकरियां और पेंग गांव के चार खच्चर लापता हैं। सात फरवरी को यह जानवर नदी किनारे चरने के लिए गए थे।

09:56 AM, 12-Feb-2021

ऋषि गंगा के मुहाने पर झील बनने पर शासन, प्रशासन अलर्ट

ऋषि गंगा के मुहाने पर झील बनने पर शासन, प्रशासन अलर्ट हो गया है। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि झील के सर्वे और उसके रिसाव के लिए एक्सपर्ट की टीम गठित कर दी गई है। टीम झील का मौका मुआयना भी करेगी।

09:37 AM, 12-Feb-2021

बचाव अभियान में शामिल सभी एजेंसियां चौबीस घंटे कर रही काम

एनडीआरएफ कमांडेंट पीके तिवारी ने बताया है कि टीम लगातार शवों की तलाश कर रही है। नदी के किनारे शवों की तलाश के लिए एक टीम भी तैनात की गई है। बचाव अभियान में शामिल सभी एजेंसियां चौबीस घंटे काम कर रही हैं।
 

09:19 AM, 12-Feb-2021

सुरंग में मलबे के बीच 35 लोग और एनपीटीसी के तीन वाहन फंसे

ऋषि गंगा में आई बाढ़ के बाद से तपोवन की सुरंग में मलबे के बीच 35 लोग और एनपीटीसी के तीन वाहन भी फंसे हुए हैं। बीआरओ की ओर से रैणी गांव में मलारी हाईवे पर वैली ब्रिज बनाने का काम जारी है। बाहरी प्रदेशों से तपोवन और रैणी में पहुंचे लापता लोगों के परिजन अभी भी सुरंग से अपनों के सुरक्षित बाहर निकल जाने का इंतजार कर रहे हैं।

09:00 AM, 12-Feb-2021

दो व्यक्ति जीवित मिले

चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि अभी तक 36 शव बरामद हुए हैं और दो व्यक्ति जीवित मिले हैं।
 

 

08:58 AM, 12-Feb-2021

सुरंग के अंदर काम कर रहे लोग कहां पर हैं, यह कहना मुश्किल

तपोवन परियोजना के निदेशक उज्जवल कांति भट्टाचार्य, तपोवन-विष्णुुगाड व लाता-तपोवन जल विद्युत परियोजना के महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद अहिरवार का कहना है कि ऋषि गंगा की जल प्रलय के बाद राहत व बचाव कार्य में लगे अधिकारियों ने कहा कि हमारे पास मैन पावर और मशीनें तो हैं, लेकिन सुरंग के अंदर तक पहुंचने में बहुत दिक्कतें आ रही हैं। सुरंग के अंदर काम कर रहे लोग कहां पर हैं, यह कहना मुश्किल है। लक्ष्य किसी तरह मलबे को हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचना है।

08:49 AM, 12-Feb-2021

आपदा में लापता हुए हैं कुल 204 लोग

चमोली जिले के रैणी में राहत बचाव कार्य तड़के से जारी है। राज्य सरकार के मुताबिक अभी तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों से 36 शव बरामद हो चुके है। वहीं आपदा में 204 लोग लापता हैं।  
 

08:34 AM, 12-Feb-2021

चमोली आपदा : एनडीआरएफ की मदद के लिए ड्रोन की तैनाती, तपोवन सुरंग में 35 लोग अब भी लापता

सात फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले में आपदा ने हाहाकार मचा दिया था। शुक्रवार को छठवें दिन भी ऋषिगंगा में तपोवन सुरंग में फंसे 35 लोगों को बचाने का काम जारी है।
 
ऋषि गंगा जल संग्रहण क्षेत्र में ही रविवार को आपदा आई थी। इसमें दो जल विद्युत परियोजनाएं तबाह हुईं और कई लोगों को जान गंवानी पड़ी। इस जल प्रलय के पीछे हैंगिग ग्लेशियर के टूटने, हिमस्खलन, भारी मात्रा में बर्फ पिघलने आदि को कारण बताया जा रहा है। 
 
अभी तक 36 शव बरामद हो चुके हैं। 168 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं ऋषिगंगा के मुहाने पर झील बनने से एक बार फिर क्षेत्र में बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। शासन ने वाडिया, टीएचडीसी, एनटीपीसी और आईआईआरएस को जांच करने का आदेश दिया है।

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