वहीं गुरुवार को कर्णप्रयाग में पोखरी पुल घाट पर रैणी आपदा में बहे चार शवों और सात मानव अंगों का गमगीन माहौल में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अलग-अलग चिताएं बनाकर उनको मुखाग्नि दी गई।
वहीं, आपदा में बहे लोगों के शव मिलने का सिलसिला जारी है। अलकनंदा नदी किनारे खोजबीन के दौरान एक शव गलनाऊं के पास अलकनंदा नदी किनारे मिला है। जिसे पुलिस ने मोर्चरी में शिनाख्त के लिए सुरक्षित रख दिया है।
तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि सात फरवरी को आपदा आने के बाद अलकनंदा नदी किनारे खोजबीन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर कुल पांच शव मिले थे। जिनमें से एक शव की शिनाख्त हो गई थी। बाकी चार शवों और सात मानव अंगों की शिनाख्त नहीं हो पाई।
उनके डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के बाद गुरुवार को धार्मिक रीति रिवाज से पुलिस/प्रशासन और नगरपालिका की ओर से कर्णप्रयाग घाट पर अलकनंदा नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नदी किनारे सर्च अभियान जारी है।
पुलिस, एसडीआरएफ व एसएसबी के जवान लगातार नदी किनारे रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं। पूरी अलकनंदा नदी में जवान दिनभर आपदा में बहे लोगों की खोजबीन कर रहे हैं। तहसीलदार ने कहा कि जिलासू के आसपास एक अन्य शव मिलने की सूचना पर प्रशासन की टीम वहां के लिए रवाना हो गई है।