फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण पर फैसले का इंतजार, आज कैबिनेट में प्रस्ताव आने की उम्मीद

Tue, 20 Dec 2022 10:17 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राज्य आंदोलनकारियों के मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं। हालांकि, शासन स्तर पर अभी यह सोच विचार चल रहा है कि क्षैतिज आरक्षण के लिए सरकार अधिसूचना जारी करे या महिला क्षैतिज आरक्षण की तरह विधेयक लाकर इसे कानूनी जामा पहना दे।
विज्ञापन
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले में सरकार पसोपेश में है। एक तरफ राज्य आंदोलनकारियों का हित है तो दूसरी ओर सांविधानिक प्रावधान। महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण पर विधेयक पारित होने के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार पर आरक्षण बहाल कराने को लेकर दबाव बना दिया है।

विज्ञापन


आंदोलनकारी मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में क्षैतिज आरक्षण के प्रस्ताव की उम्मीद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राज्य आंदोलनकारियों के मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं। लेकिन शासन स्तर पर अभी यह सोच विचार चल रहा है कि क्षैतिज आरक्षण के लिए सरकार अधिसूचना जारी करे या महिला क्षैतिज आरक्षण की तरह विधेयक लाकर इसे कानूनी जामा पहना दे। राज्य आंदोलनकारी संगठनों की मांग और सीएम के निर्देश के बाद अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें यह तय हुआ कि इस संबंध में न्याय विभाग से परामर्श लिया जाए।

राजभवन ने विधेयक को संविधान का उल्लंघन माना 
सूत्रों के मुताबिक, न्यायिक परामर्श राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के पक्ष में नहीं है। राजभवन से विधेयक भी इस टिप्पणी के साथ लौटा है कि क्षैतिज आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 के प्रावधानों का उल्लंघन है। न्यायिक परामर्श के बाद ही राजभवन ने विधेयक को लौटाने की यह वजह बताई है। राजभवन की यह टिप्पणी ही सरकार की सबसे बड़ी उलझन बनी हुई है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे तो बन जाएगी बात
राज्य आंदोलनकारियों का मानना है कि महिला क्षैतिज आरक्षण के मामले में भी न्याय विभाग का परामर्श प्रतिकूल था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई तो विधेयक पारित हो गया। इसी तरह की इच्छाशक्ति राज्य आंदोलनकारियों के मामले में दिखाई जानी चाहिए।

हम मुख्यमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने महिला क्षैतिज आरक्षण पर निर्णय लिया। पूरी उम्मीद है कि ऐसी ही राजनीतिक इच्छाशक्ति वह राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण के लिए दिखाएंगे। आशा है कि आज कैबिनेट इस मामले में निर्णय लेगी। - रविंद्र जुगरान, भाजपा नेता, व राज्य आंदोलनकारी

राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के मामले में सरकार के सामने अधिसूचना जारी करने या कानून बनाने के विकल्प हैं। हम आशा करते हैं कि इस मामले में मुख्यमंत्री अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देंगे।- क्रांति कुकरेती, राज्य आंदोलनकारी

ये भी पढ़ें...Live-in Relationships: प्रेमिका के बेटे का शव पोटली में बांधकर नहर में फेंका, रोती-बिलखती थाने पहुंची महिला

राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के मसले पर अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। बैठक का कार्यवृत्त(मिनट्स) फाइनल होने के बाद उस पर न्यायिक परामर्श लिया जाएगा। उसके बाद प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में लाएंगे।- शैलेश बगौली, सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें