योजना के तहत स्नातक स्तर पर सभी वर्षों में प्रत्येक संकाय में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। दो वर्षीय पीजी होने की दशा में पीजी अंतिम वर्ष में, प्रथम वर्ष के प्राप्त अंकों के आधार पर प्रत्येक सरकारी डिग्री कॉलेज, विवि परिसर में विभिन्न संकायों में विषयवार पीजी स्तर पर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने पर प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति दी जाएगी।
ग्रेजुएशन अंतिम वर्ष और पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के बाद प्राप्त अंकों के आधार पर ऐसे छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा, जिन्होंने अपने कॉलेज-विवि में संबंधित संकाय में स्नातक स्तर पर कुल परिणाम के आधार पर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान हासिल किया हो।
इन्हें सरकार एकमुश्त राशि देगी। योजना के लिए हर साल 17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को समर्थ पोर्टल पर अपना पंजीकरण करते हुए आवेदन करना अनिवार्य होगा। छात्रवृत्ति की राशि दो किश्तों में छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी।